अमर उजाला
Sat, 27 September 2025
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रहों में शनिदेव सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह होते हैं
शनि को कर्मफलदाता और न्यायाधिपति का दर्जा प्राप्त है और यह रोग, दुख, पीड़ा, आयु तकनीकी ज्ञान, लोहा और खनिज तेल के कारक ग्रह हैं
शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहने के बाद ही राशि परिवर्तन करते हैं
शनि की अशुभ छाया, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव काफी परेशानियां लाता है
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की महादशा 19 वर्षो तक चलती है
मीन राशि वालों के लिए ठीक-ठाक रहेगा 27 सितंबर का दिन