अमर उजाला
Tue, 14 June 2022
रत्न धारण करते समय उसका त्वचा से स्पर्श होना जरूरी होता है तभी रत्न का लाभ मिलता है
रत्न धारण करते समय मंत्रों का शुद्ध उच्चारण कर उसे धारण करना चाहिए
एक बार रत्न धारण करने के बाद उसे बार-बार निकालने से बचना चाहिए, ऐसा करने से रत्न का प्रभाव कम हो जाता है
किसी भी खंडित रत्न को धारण नहीं करना चाहिए, यदि रत्न का रंग उतर गया है तो भी उसे निकाल देना चाहिए
किसी दूसरे का रत्न धारण नहीं करना चाहिए और न ही उसे दूसरे को पहनने देना चाहिए
रत्न को हमेशा उससे संबंधित धातु में ही पहनना चाहिए, ऐसा करने से धातु का भी शुभ प्रभाव मिलता है
रोजाना कर रहे हैं ये गलतियां तो हो जाएं सावधान