अमर उजाला
Mon, 25 September 2023
अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि पितरों को अर्पित किया गया भोजन उन तक पहुंचता कैसे है
इसका जवाब गरुड़ पुराण में है, गरुड़ पुराण के मुताबिक विश्वदेव और अग्निश्रवा नामक दो दिव्य पितृ हैं
यदि हमारे पितर देव योनि में हों तो श्राद्ध का भोजन अमृत रूप में उन तक पहुंचता है
यदि मनुष्य योनि में हो तो अन्न रूप में उन्हें भोजन मिलता है
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