अशुभ नहीं भाग्यशाली होते हैं इस मूल नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे
अमर उजाला
Wed, 20 September 2023
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ज्योतिषियों का मानना है कि अगर बच्चे का जन्म गंडमूल नक्षत्र में हो तब एक महीने के अंदर जब भी वह नक्षत्र लौटकर आए, उस दिन गंडमूल नक्षत्र की पूजा करा लेनी चाहिए
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ऐसा करने से इसका अशुभ परिणाम समाप्त हो जाता है, क्योंकि मान्यता है कि गंडमूल नक्षत्र में जन्म लेने वाला शुभ नहीं होता है लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है
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जनकारों के अनुसार कुछ स्थितियों में यह दोष अपने आप समाप्त हो जाता है और इन नक्षत्रों में जन्म लेने वाले व्यक्ति खुद के लिए भाग्यशाली होता है
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व्यक्ति का जन्म अगर वृष, सिंह, वृश्चिक अथवा कुंभ लग्न में हो तब मूल नक्षत्र में जन्म होने पर भी इसका अशुभ फल प्राप्त नहीं होता है
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गण्डमूल नक्षत्र में जन्म लेने पर भी अगर लड़के का जन्म रात में और लड़की का जन्म दिन में हो तब मूल नक्षत्र का प्रभाव समाप्त हो जाता है
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गण्डमूल नक्षत्र मघा के चौथे चरण में जन्म लेने वाला बच्चा धनवान और भाग्यशाली होता है
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