कुंडली में चंद्रमा की क्या होती है भूमिका

अमर उजाला

Wed, 23 August 2023

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वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा बहुत महत्वपूर्ण होता है

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चंद्रमा किसी भी जातक की कुंडली में मन के साथ-साथ माता, मनोबल, सुख-शांति, धन-संपत्ति, आदि का कारक होता है

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कर्क राशि का स्वामी कहलाने वाले चंद्रमा की गति सबसे तेज और गोचर की अवधि सबसे कम होती है

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यह तकरीबन सवा दो दिनों में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर कर जाता है, इसी चंद्रमा की मदद से पंचांग और राशिफल तैयार किया जाता है

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ज्योतिष के अनुसार कुंडली में चंद्रमा के शुभ होने पर व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं और तन और मन दोनों से स्वस्थ रहता है

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उसकी कल्पना शक्ति काफी अच्छी होती है और उसे अपनी मां का खूब स्नेह प्राप्त होता है

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लेकिन कुंडली में कमजोर चंद्रमा इसके विपरीत फल प्रदान करता है और उसे अक्सर मां की सेहत आदि को लेकर तमाम तरह की मानसिक परेशानियां घेरे रहती हैं
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ज्योतिष में क्या है चंद्रमा का महत्व

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