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‘द साइलेंट हीरोज’ में दिखेगी उत्तरकाशी की खूबसूरती

Uttar Kashi Updated Mon, 11 Feb 2013 05:31 AM IST
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उत्तरकाशी। बड़े पर्दे की ‘द साइलेंट हीरोज’ फिल्म की इन दिनों यहां शूटिंग चल रही है। इससे उत्तरकाशी की खूबसूरती एक बार फिर पर्दे पर दिखेगी। फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों के अनुसार यहां शूटिंग के लिए नदी, झरने, झील, बुग्याल, हिमाच्छादित ढाल तथा नैसर्गिक खूबसूरती वाले लोकेशनों की कमी नहीं है।
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वर्ष 1978 में सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की ‘कभी-कभी’ तथा वर्ष 1984 में बॉलीवुड के शोमैन राजकपूर ने ‘राम तेरी गंगा मैली’ फिल्म के कई दृश्य यहां फिल्माए थे। विदेशी चैनलों पर प्रसारित होने वाले हिच हाईकिंग खेल का भी यहां दो बार आयोजन हो चुका है। जिसमें गंगोत्री से लेकर उत्तरकाशी तक के कई दृश्य फिल्माए गए। आजकल यहां शिवा आराधना स्टूडियो प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही फिल्म ‘द साइलेंट हीरोज’ की शूटिंग चल रही है। इस फिल्म में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, तेखला क्लाइंबिंग एरिया और हर्षिल की खूबसूरत लोकेशन पर दृश्य फिल्माए जा रहे हैं। फिल्म के निर्माता अजय मधवाल ने बताया कि सड़क, संचार आदि ढांचागत सुविधाएं जुटाई जाएं तो यहां कई फिल्म निर्माता शूटिंग के लिए आ सकते हैं।



इनसेट -

मौलिक फिल्मों के लिए आदर्श स्थिति हैं यहां
‘नंदा की जात’, ‘डांडी कांठी’ फिल्म तथा ‘ओ रे सांगली’ वीडियो एलबम से ख्यात उत्तराखंड के महेश भट्ट आजकल ‘द साइलेंट हीराज’ बना रहे हैं। वे उत्तरकाशी में फिल्म निर्माण की संभावनाओं से इनकार नहीं करते। उनका कहना है कि फिल्म की मौलिकता के लिहाज से यहां की लोकेशन आदर्श है। स्थानीय युवा भी प्रोडक्शन, मेकअप, सेटिंग, कैटरिंग, मूवी मेकिंग आदि में कैरियर बना सकते हैं।

वास्तविक हीरो हैं 13 मूक बधिर बच्चे
‘द साइलेंट हीरोज’ फिल्म साहसिक पर्यटन पर आधारित है। यूं तो इस कामर्शियल फिल्म में मुंबई के हीरो, हीरोइन काम कर रहे हैं। लेकिन फिल्म के वास्तविक हीरो 13 मूक बधिर बच्चे हैं। निर्देशक ने यथार्थ को पर्दे पर लाने के लिए इन बच्चों के साथ फिल्म बनाने का निर्णय लिया।

याद आती है पुरानी फिल्मों की शूटिंग
वर्ष 1978 में बाढ़ से पहले मनेरी में हुई ‘कभी कभी’ फिल्म की शूटिंग की यादें जामक गांव के बचन सिंह राणा के जेहन में ताजा हैं। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन डैम पर क्रेन से नीचे उतरने के दृश्य फिल्माने के बारे में याद ताजा की। वर्ष 1984 में हर्षिल में ‘राम तेरी गंगा मैली’ फिल्म की शूटिंग याद करते हुए खुशहाल सिंह नेगी बताते हैं कि जिस घाट पर मंदाकिनी के नहाने का दृश्य फिल्माया गया था उसे अब लोग मंदाकिनी घाट के नाम से ही जानते हैं। यहां हत्याहारिनी गंगा तथा विल्सन हाउस के पीछे जालंधरी नदी में बड़े पत्थर पर भी दृश्य फिल्माए गए थे। हर्षिल का पोस्ट आफिस और उसके बाहर टंगा पोस्टबॉक्स तो आज भी जस के तस हैं।

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