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हकहकूक की लकड़ी न मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश

Uttar Kashi Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
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नौगांव। राजशाही के जमाने से काश्तकारों को रियायती दर पर मिलने वाली देवदार की लकड़ी पर लगे प्रतिबंध से लोगों को दिक्कतें हो रही है। कई लोग अपना घर तैयार नहीं कर पा रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों को पहले जरूरत के अनुसार लघु मांग की देवदार की लकड़ी आवासीय भवनों के लिए रियायती दर पर आसानी से उपलब्ध हो जाती थी। अब वन विभाग ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में लोगों को घर बनाने के लिए भी लकड़ी नहीं मिल पा रही है।
दूसरी ओर अपर यमुना वन प्रभाग ने अपनी प्रस्तावित कार्ययोजना में गरीब काश्तकारों को फ्री ग्रांट के रूप में मिलने वाली कैल की लकड़ी को भी दस साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। मंगलवार को विभागीय कार्यों की समीक्षा करने यहां पहुंचे वन संरक्षक यमुना वृत आरएन झा से मिलकर लोगों ने लकड़ी न मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसके लिए आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सूखे देवदार के पेड़ विभाग सस्ती दरों पर वन निगम को बेच रहा है। लेकिन वन निगम ज्यादा दाम देने पर भी काश्तकारों को लकड़ी देने को तैयार नहीं। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सकल चंद रातव, अमर सिंह, जगेंद्र राणा, विजय बधानी, रैवीर चौहान आदि मौजूद थे।

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