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पहले कुलपति के सामने होगी कई चुनौतियां

Uttar Kashi Updated Tue, 11 Dec 2012 05:30 AM IST
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नई टिहरी। एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय बादशाही थौल के पहले कुलपति के तौर पर डा. उदय सिंह रावत के सामने चुनौतियों के पहाड़ खडे़ हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 32 वर्षो से कार्यरत डा.रावत के कुलपति बनने का लाभ एफिलिएटिंग विवि को किस रूप में मिलेगा, यह देखने वाली बात होगी। भले ही डा. रावत पूर्व में भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विवि लखनऊ, बनारस हिंदु विवि और एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि में कुलसचिव पद पर रहे हैं। मगर एफिलिएटिंग विवि की परिस्थितियां इन सब से भिन्न है। विवि को संबद्घता के मामले की उन्हें भली भांति जानकारियां है, लेकिन जहां सवाल 189 कालेजों की संबद्घता का है, वहां पर उन्हें अग्नि परीक्षा सेे गुजरना पडे़गा।
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श्रीदेव सुमन एफिलिएटिंग विवि बादशाहीथौल 2011 में अस्तित्व में आया था। विवि के सामने अभी सबसे बड़ी चुनौती अपने लिए भवन की स्थाई व्यवस्था करना और अन्य संसाधनों को जुटाने की है। क्योंकि कुछ दिन पूर्व ही एफिलिएटिंग विवि को बादशाहीथौल परिसर से चंबा स्थित पुराने राजकीय महाविद्यालय भवन पर शिफ्ट किया गया है। विवि के पास अभी तक छह कमरे है और कुलसचिव सहित चार कर्मचारियों का स्टाफ है। तीन कमरे अभी विवि को इसी माह मिलने है। विवि के इसी परिसर में वर्तमान में हाईस्कूल संचालित हो रहा है। उसे वहां से अन्यत्र कहां शिफ्ट किया जाना है। इसे लेकर भी दुविधा की स्थिति बनी हुई है। विवि के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि गढ़वाल विवि से संबद्घ 189 राजकीय महाविद्यालयों, निजी बीएड कॉलेजों को संबद्घता प्रदान करने की है। गढ़वाल विवि की प्राइवेट परीक्षाएं कौन कराएगा, इसको लेकर भी अभी कई दांव पेच बाकी है। गत वर्ष गढ़वाल विवि ने दीन दयाल विवि के नाम से एमए प्रथम वर्ष की जो प्राइवेट परीक्षाएं कराई थी, उन 20 हजार अभ्यर्थियों की अंक तालिका विवि अभी तक निर्गत नहीं कर पाया है। एफिलिएटिंग विवि में कर्मचारियों की नियुक्ति करना भी उनके लिए कठिन चुनौती होगी।

डा. उदय सिंह रावत का प्रो-फाइल
जाने-माने शिक्षाविद। जंतु विज्ञान विषय से एमएसएसी तथा पीएचडी, 29 वर्षो का विवि प्रशासनिक अनुभव। नौ वर्षो तक भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के पौध संरक्षण निदेशालय में उपनिदेशक रहे। पांच वर्ष तक बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विवि लखनऊ के कुलसचिव रहे। विभिन्न विवि में उपकुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक से लेकर वित्त अधिकारी और बतौर कार्यवाहक कुलपति काम किया। अभी तक 45 अनुसंधान पत्र तथा सात पुस्तकें बुकलेट के रूप में भी प्रकाशित हो चुकी हैं।





कोट---
‘अभी सिर्फ इतना कह सकता हूं कि जिस उद्देश्य के लिए यह विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, उन्हें पूरा करने की मेरी कोशिश होगी।’-डा.उदय सिंह रावत, नवनियुक्त कुलपति, एफिलिएटिंग विश्वविद्यालय, बादशाहीथौल, टिहरी।


मिष्ठान वितरण कर जताई खुशी
चंबा/नई टिहरी/श्रीनगर। गढ़वाल विवि के कुलसचिव डा.यूएस रावत के श्रीदेव सुमन एफिलिएटिंग विवि के कुलपति नियुक्त होने पर बादशाहीथौल परिसर के शिक्षक, कर्मचारियों, छात्रों व जन प्रतिनिधियों में खुशी की लहर है। उनके कुलपति बनने पर एसआरटी परिसर में मिष्ठान वितरण किया गया। इस मौके पर परिसर निदेशक प्रो. डीएस कैंतुरा, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. एए बौड़ाई, डा. आरबी गोदियाल, पुस्तकालयाध्यक्ष हंसराज बिष्ट, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र कठैत, सचिव रविंद्र नेगी, राकेश कोठारी, राकेश रमोला, सचिदानंद उनियाल आदि उपस्थित थे। दूसरी तरफ, श्रीनगर में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, महासचिव मनोज रतूड़ी, रोशन सिंह, रविंद्र सिलवाल, पुष्कर चौहान आदि ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंटकर और फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी। इस मौके पर प्रशासनिक भवन में कर्मचारियों ने मिठाई भी वितरित की।
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