‘सी’ ग्रेड के सेब भी बदल सकता तकदीर

Uttar Kashi Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
उत्तरकाशी। सेब उत्पादन के लिए मशहूर उपला टकनौर क्षेत्र के खट्टी प्रजाति एवं ‘सी’ ग्रेड के सेब को खरीददार न मिलने से हर वर्ष बड़ी मात्रा में ऐसे सेब बरबाद हो जाते हैं। यदि इन्हें प्रसंस्कारित किया जाए तो किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
उपला टकनौर के हर्षिल, धराली, झाला, जसपुर, सुक्की जैसे गांवों में हर वर्ष बड़े पैमाने पर सेब उत्पादन होता है। उत्तम गुणवत्ता का सेब तो पैकिंग कर मंडियों तक पहुंच रहा है, लेकिन खट्टी प्रजाति तथा ‘सी’ ग्रेड के सेब को खरीदार नहीं मिल पाता। ऐसे में साल भर की मेहनत के बाद बागीचों में तैयार सेब बड़े पैमाने पर बरबाद हो जाते हैं। जानकारों का मानना है कि यदि इस सेब को प्रसंस्कारित कर इससे जैम, चटनी, मुरब्बा तैयार करने से न केवल किसानों को बेकार जाने वाले इन सेबों से अतिरिक्त आय होगी, बल्कि लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इन उत्पादों के लिए यात्रा सीजन में तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों के रूप में बड़ा बाजार स्वयं चलकर यहां आता है।

इनसेट-

पतंजलि ग्रामोद्योग न्यास कर रहा प्रयास
उत्तरकाशी। कुछ वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय पतंजलि ग्रामोद्योग न्यास ने बरबाद जा रहे सेब को खरीद कर इसे प्रसंस्कारित करने की मुहिम शुरू की है। पिछले वर्ष पांच से सात रुपये किलो की दर से खट्टा और ‘सी’ ग्रेड का सेब खरीदने वाले इस न्यास ने इस बार आठ से 12 रुपये किलो की दर से 200 टन सेब खरीदा है। इससे तेखला में स्थापित प्रसंस्करण यूनिट में चटनी बनाने के साथ ही अन्य उत्पाद तैयार करने के लिए यह सेब हरिद्वार भेजा जा रहा है।

हर साल बर्बाद जाता है टनों सेब
उत्तरकाशी। धराली के जयभगवान सिंह पंवार, जसपुर के बुद्धि सिंह राणा, झाला के अतर सिंह, पुराली की जया राणा का कहना है कि हर साल खट्टी प्रजाति एवं ‘सी’ ग्रेड का टनों सेब बागीचों में ही बरबाद हो जाता है। किसान बड़ी मेहनत से पनपाए गए इन पेड़ों को हटा भी नहीं सकते। उन्होंने स्वीकारा कि पतंजलि द्वारा खरीदे जाने से किसानों को इसका भी मूल्य मिलने लगा है।

धराली में खोलेंगे प्रसंस्करण केंद्र
उत्तरकाशी। पतंजलि ग्रामोद्योग न्यास से जुड़े गौरव सिंह चहल, माधव प्रसाद भट्ट ने बताया कि जल्द ही क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रशिक्षित कर धराली में भी प्रसंस्करण केंद्र खोला जाएगा।

Spotlight

Most Read

Chandigarh

Report: पंजाब में टूटने लगी है ड्रग माफिया की कमर, जानिए कैसे और क्यों?

पंजाब में अब ड्रग माफिया की कमर टूटने लगी है, मतलब सरकार ने प्रदेश में नशा खत्म करने के लिए जो वादा किया था, वह पूरा होता दिख रहा है।

20 जनवरी 2018

Related Videos

उत्तराखंड के किडनी कांड से बीजेपी में भूचाल, डोनर को जान का खतरा

उत्तराखंड की राज्यमंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू पर धोखे से किडनी से निकालने के आरोप लगाने वाला व्यक्ति नरेश गंगवार सामने आया है। मीडिया से बातचीत में नरेश ने कहा है कि गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू से उसे जान का खतरा है।

18 अक्टूबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper