बस अड्डे के निर्माण पर फंसता रहा पेच

Uttar Kashi Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
उत्तरकाशी। कभी राजनीतिक विवाद और बाद में वरुणावत भूस्खलन के बाद खींची गई बफर जोन की सीमा के अड़ंगे से उत्तरकाशी बस अड्डा नहीं बन पा रहा है। यमुनोत्री तथा गंगोत्री तीर्थ धाम के प्रमुख पड़ाव के साथ ही यात्रा सीजन में 30 हजार से ज्यादा यात्रा गाड़ियों की अतिरिक्त आवाजाही वाले उत्तरकाशी को राज्य बनने के 12 साल में भी बस अड्डा नहीं मिल पाया।
वर्ष 2003 में कांग्रेस शासन में उत्तरकाशी बस अड्डे के लिए 1.5 करोड़ का बजट आवंटन होने से साथ ही 70 लाख रुपये की पहली किश्त जारी कर दी गई थी। बाद में ज्ञानसू में पाडुली गदेरे के किनारे बहुमंजिले बस अड्डे की योजना बनाई गई । 17 करोड़ की इस योजना में बस तथा टैक्सी पार्किंग के साथ ही शॉपिग कांप्लेक्स की योजना तैयार की गई। राफ्ट फाउंडेशन ने 70 लाख तो खर्च किए, किंतु बाद में भाजपा के सत्ता में आने के बाद निर्माणाधीन बस पार्किंग स्थल को असुरक्षित बता कर इसका काम रोक दिया गया। बीते साल राज्य सरकार ने फिर लीसा डिपो पेट्रोल पंप किनारे वाले हिस्सों को मिलाकर 10 करोड़ लागत की नई योजना तैयार की। दो हिस्साें में बनने वाले इस बस पार्किंग स्थल में 40 बसों को खड़ा करने के साथ ही बुकिंग काउंटर प्रतीक्षालय आदि कुछ पक्के निर्माण होने थे। आईआईटी रुड़की से इसका डिजाइन भी तैयार किया गया। किंतु फिर सरकार बदली तथा इसमें बफर जोन का अडंगा लगा कर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। टैक्सी, बस यूनियन सहित स्थानीय लोगों, व्यापारियों एवं लोनिवि के इंजीनियरों का मानना है कि यदि वरुणावत भूस्खलन के बफर जोन में पक्के निर्माण की अनुमति न हो तो बस अड्डे का प्लेट फार्म ही तैयार कर काम चलाया जा सकता है। स्थिति यह है कि यात्रा सीजन में उत्तरकाशी में सड़कों के किनारे वाहनों की भीड़ के कारण दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। यात्रियों को अपनी गाड़ियों की पार्किंग स्थल को तलाश करने में कई बार घंटों लग जाते हैं।

अनुमति मिल जाए तो बन सकता है बस अड्डा
उत्तरकाशी। लोनिवि के ईई एसके राय ने स्वीकार किया कि आईआईटी रुड़की से डिजाइन बस पार्किंग स्थल की 10 करोड़ योजना बफर जोन के भीतर पक्के निर्माण की अनुमति न मिलने से ठप है। उन्होंने कहा कि यदि प्रस्तावित बस पार्किंग स्थल में प्लेट फार्म तैयार कर बुकिंग आफिस आदि के लिए टीनशेड की अनुमति मिल जाए तो दो करोड़ में बस अड्डा बन सकता है।

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