राहत शिविर बदहाली का शिकार

Uttar Kashi Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
उत्तरकाशी। शासन और प्रशासन के दावों के विपरीत आपदा प्रभावितों के लिए बनाए गए राहत शिविर बदहाली का शिकार हैं। हालत इतने बदतर हैं कि यहां शरण पाए लोग बीमारियों की चपेट में आ गए हैं।
जल विद्युत निगम कालोनी में शरण पाए गंगोरी के 45 परिवार बदहाल व्यवस्थाओं को कोस रहे हैं। इन लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं है, जिससे बच्चे व महिलाएं टायफाइड आदि बीमारियों की चपेट में हैं। बिजली न होने से लोग एक संस्था द्वारा दी गई सोलर लालटेन के भरोसे रात गुजार रहे हैं। कालोनी में रह रही आसमा देवी व ललिता टायफाइड से पीड़ित हैं। राजेश्वरी भी पेट की बीमारी से जूझ रही है। कई बच्चों को भी पेट दर्द की शिकायत है। इन लोगों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें बरसाती गदेरे का पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

अपमानित महसूस कर रहे लोग
आपदा की मार झेल रहे लोग राहत सामग्री वितरण के तौर-तरीकों से बेहद दुखी हैं। लोगों का कहना है कि राहत सामग्री सुगम स्थानों तक पहुंच रही है, लेकिन जहां असली जरूरत है वहां कोई जाने को तैयार नहीं। राहत सामग्री पाने के लिए लोगों को लंबी लाइन लगानी पड़ रही है, जिससे लोग अपमानित महसूस कर रहे हैं। जल विद्युत निगम कालोनी में रह रहे प्रभावितों का कहना है कुछेक संस्थाओं को छोड़कर बाकी गंगोरी सड़क के आसपास राहत सामग्री बांट रही हैं। यहां ऐसे लोगों को सामग्री मिल रही है जिन्हें इसकी जरूरत नहीं है। जबकि जरूरतमंद लोग लाइन में खड़े होकर राहत लेने को तैयार नहीं हैं।

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