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जिले में पहले दिन छलके चार करोड़ के जाम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jun 2021 12:04 AM IST
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रुद्रपुर। कोविड-19 की दूसरी लहर में बंद हुई देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानें बुधवार को 44 दिन बाद खुलीं। शराब की दुकान खुलते ही खरीदार पहुंचने शुरू हो गए थे। हालांकि अधिकांश दुकानों पर कम लोग ही नजर आए। इसकी वजह यूपी के डिबडिबा गांव में पहले से ही खुली शराब की दुकानें रहीं। रुद्रपुर के लोग कोविड कर्फ्यू में यूपी की दुकानों में जाकर शराब खरीदते दिखाई दिए थे। रिकॉर्ड के अनुसार पहले दिन जिले में चार करोड़ के जाम छलके।
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ऊधमसिंह नगर में शराब 102 दुकानें आवंटित हैं। जिसमें अंग्रेजी शराब की 58 और देसी शराब की 44 दुकानें हैं। कोविड कर्फ्यू की दूसरी लहर शुरू होने के बाद 27 अप्रैल से शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया था। शराब नहीं मिलने पर शौकीन परेशान रहे। जबकि रुद्रपुर के अधिकांश लोग यूपी के डिबडिबा में जाकर शराब पीते रहे। बुधवार को जिले में शराब की दुकानें खुलने पर रुद्रपुर में ज्यादा भीड़ देखने को नहीं मिली। काशीपुर, जसपुर, सितारगंज में लोगों की भीड़ अच्छी खासी रही। जिला आबकारी अधिकारी कैलाश चंद्र बिंजोला ने बताया कि बुधवार को पहले दिन जिले में करीब चार करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई।

शराब खरीदने वाले अधिक, राशन खरीदने वाले कम
रुद्रपुर। रुद्रपुर में कुछ शराब की दुकान पर खरीदार अधिक दिखे। राशन की दुकान में खरीदार शराब की दुकान से कम थे। लोगों ने बताया कि शराब की दुकान लंबे समय बाद खुली है। इसका उन्हें बेसब्री से इंतजार था। इसलिए वह शराब की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। राशन तो वह गली, मोहल्ले की दुकानों से भी खरीद लेते हैं। सरकार बीच-बीच में राशन की दुकानें खोलने की अनुमति देती आ रही है। (संवाद)
दुकानें खुलने के बाद भी हर ठेके पर नहीं बिकी शराब
काशीपुर। कोविड कर्फ्यू के बीच बुधवार को काशीपुर में भी सुबह आठ से शाम पांच बजे तक शराब की दुकानें खुली लेकिन हर ठेके पर शराब नहीं बिकी। दो माह बाद दुकान खुलने पर शराब कारोबारियों से प्रतिभूति जमा करने को कहा गया जिससे अधिकांश कारोबारियों ने माल नहीं उठाया। इसके चलते शहर में करीब तीन लाख रुपये की ही शराब बिक सकी।
काशीपुर क्षेत्र में करीब 18 शराब की दुकानें हैं। बुधवार को दुकान खोलने का आदेश होते ही शराब कारोबारियों से प्रतिभूति जमा करने को भी कहा गया। अचानक लाखों रुपये की प्रतिभूति जमा करने का आदेश होते ही करीब 15 ठेकेदारों ने माल नहीं उठाया जिससे बिक्री भी नहीं हो सकी। शराब कारोबारी मोनू चौधरी ने बताया कि सरकार ने दुकान खुलने के पहले दिन ही प्रतिभूति जमा करने का आदेश जारी कर दिया जबकि पूरे लॉकडाउन में शराब की दुकानें बंद होने से बिक्री नहीं हुई। प्रतिभूति जमा करने के लिए सरकार को करीब एक माह का समय देना चाहिए। शराब कारोबारी भोलानाथ डाबर का कहना है कि दो माह से शराब की दुकानें बंद होने के बाद भी सरकार शराब कारोबारियों से पूरा अधिभार ले रही है। शराब की दुकानों में बिक्री का समय सुबह 10 से रात 10 बजे तक है लेकिन दुकान खोलने का समय शाम पांच बजे तक दिया गया। प्रशासन या तो शराब की दुकानों को पूरी तरह से बंद रखे और अधिभार न लें। या फिर जितना माल बिका उसी पर सरकार को अधिभार लेना चाहिए। डाबर के अनुसार स्टॉक न होने से काशीपुर में पहले दिन शराब की बिक्री तीन लाख से अधिक नहीं हो सकी।
ग्राहकों को नहीं मिले मनपसंद ब्रांड
काशीपुर। लंबे समय बाद शराब की दुकानें खुलने से शराब के शौकीन दुकानों पर पहुंचे लेकिन हर किसी को उनका मनपसंद ब्रांड नहीं मिल पाया। शराब कारोबारियों के अनुसार मार्च के बाद से शराब के महंगे ब्रांड उपलब्ध ही नहीं हो रहे हैं। कोविड कर्फ्यू के कारण रेगुलर ब्रांड की भी कमी हो गई है जिससे लोगों को मनपसंद ब्रांड नहीं मिल पा रहे हैं। (ब्यूरो)

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