धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने वाली पहली क्रय एजेंसी बनी नेफेड

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Sat, 31 Oct 2020 12:09 AM IST
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रुद्रपुर में टीवीएस के क्रय केंद्र पर धान तौलते पल्लेदार।
रुद्रपुर में टीवीएस के क्रय केंद्र पर धान तौलते पल्लेदार। - फोटो : RUDRAPUR

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कोरोना काल में जम्मू-कश्मीर से 700 करोड़ रुपये के सेबों की रिकॉर्ड खरीद करने वाली राष्ट्रीय क्रय एजेंसी नेफेड के नाम उत्तराखंड में भी धान खरीद में एक उपलब्धि जुड़ गई है। इस साल राज्य में धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने वाली नेफेड पहली क्रय एजेंसी बन गई है।
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धान खरीद नीति-2020-21 में कुमाऊं मंडल को सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से 20 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला है। नेफेड को दो लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य देते हुए ऊधम सिंह नगर में 30 क्रय केंद्र आवंटित किए गए थे। नेफेड ने दो लाख, 633 क्विंटल धान खरीद अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है। जबकि सहकारिता विभाग और यूसीएफ अभी लक्ष्य दूर हैं।
आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि लक्ष्य पूरा होने के कारण नेफेड के कुछ केंद्रों पर धान खरीद नहीं हो पा रही है। संस्था का लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन से मांग की गई है। उन्होंने बताया कि कुमाऊं में अब तक कुल 16 लाख, 93 हजार क्विंटल खरीद हो चुकी है। इधर, रुद्रपुर में शुक्रवार को तराई विकास सहकारी संघ के कांटे पर करीब 500 क्विंटल, फुलसुंगा में 200 और बिगवाड़ा केंद्र पर करीब 250 क्विंटल धान खरीद हुई। जबकि मलसी क्रय केंद्र पर धान खरीद नहीं हो सकी। रुद्रपुर गल्ला मंडी में कच्चा आढ़तियों के माध्यम से 15 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीद हुई।
धान और गन्ने के रकबे का मिलान करने के निर्देश
रुद्रपुर। जिले में गन्ने के रकबे में धान बेचने की शिकायतों को आरएफसी कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिले के सभी धान क्रय केंद्र पर गन्ने और धान के रकबे का रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिया है। साथ ही जिला सहायक निबंधक, सभी वरिष्ठ विपणन अधिकारियों व क्रय केंद्र प्रभारियों को धान खरीद से पहले धान और गन्ने का रकबे का मिलान करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि यदि इस प्रकरण में क्रय एजेंसी के केंद्र प्रभारी की भूमिका संलिप्त पायी जाती है तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस बार गन्ने का रकबा करीब 23 हजार हेक्टेयर है।
किसानों को नहीं मिल रहा भुगतान
रुद्रपुर। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर विर्क ने कहा कि सरकार किसानों को 24 घंटे में धान का भुगतान देने का आश्वासन देने के बाद अब टरका रही है। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए सरकारी केंद्रों पर धान बेच रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें भुगतान के लिए क्रय केंद्र प्रभारियों के पास चक्कर काटने पर पड़ रहे हैं। वहीं, खाद्य विभाग के मुताबिक जिले में किसानों को अब तक करीब 40 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। शीघ्र ही शेष भुगतान को किसानों को खातों में डाल दिया जाएगा।
दो कच्चा आढ़तियों को चार साल के लिए किया प्रतिबंधित
खटीमा। संभागीय खाद्य नियंत्रक ने खटीमा क्षेत्र अंतर्गत टीजी रोलर फ्लोर मिल एवं मैसर्स बालाजी फूड प्रोडक्ट के कच्चा आढ़ती के रूप में किए गए असंतोषजनक कार्य पर कार्रवाई की है। इनके वर्तमान वर्ष के कोड को निरस्त करते हुए आगामी 4 वर्ष के लिए कच्चा आढ़ती कार्य को प्रतिबंधित कर दिया गया है। संवाद
बाजपुर में खरीदा गया 6540 क्विंटल धान
बाजपुर। सहकारिता के एडीओ गंगा सिंह पिपलिया ने बताया कि शुक्रवार को सहकारिता के 16 तौल केंद्रों पर 49 किसानों का 6540 क्विंटल धान खरीदा गया। धान का करीब 28 करोड़ का भुगतान बकाया है। शुक्रवार को शासन से प्रति तौल केंद्र को 25 लाख रुपये भुगतान के रूप में दूसरी किस्त की धनराशि उपलब्ध हुई है। शनिवार से किसानों को आई धनराशि से भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संवाद
एमएसपी पर धान नहीं खरीदने पर आंदोलन की चेतावनी
काशीपुर। नवीन अनाज मंडी के गेस्ट हाउस में भारतीय किसान यूनियन की बैठक हुई। वक्ताओं ने अनाज व्यापारियों पर एमएसपी पर धान की खरीद के नाम पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया है। भाकियू जिला महा सचिव वलजिंदर सिंह संधू ने कहा कि कई कमीशन एजेंट भुगतान को लेकर किसानों से सौदेबाजी करते है। करीब 20 दिन बाद सरकारी मूल्य पर धान तुलेगा। कहा कि मंडी में जरूरतमंद किसानों का धान 1200 से 1400 रुपये क्विंटल में बिक रहा है। कमीशन एजेंटों के दलाल यूपी से सस्ते में धान खरीद कर यहां सरकारी मूल्य पर बेच रहे हैं। बैठक में सभी किसानों का धान एमएसपी पर तोलने, 48 घंटे के भीतर भुगतान करने की मांग की गईद्घ वहां पर कुलदीप सिंह चीमा, दीदार सिंह, बलकार सिंह, जागीर सिंह, दर्शन सिंह देयोल, कल्याण सिंह आदि थे।

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