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उद्योगपतियों को एक इंच जमीन भी नहीं देंगे किसान : टिकैत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Mar 2021 12:44 AM IST
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रुद्रपुर में हुई महापंचायत को संबोधित करते किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी।
रुद्रपुर में हुई महापंचायत को संबोधित करते किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी। - फोटो : RUDRAPUR

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रुद्रपुर। भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान को अपनी जमीन औलाद से भी अधिक प्यारी होती है। किसान जब जीवित रहते अपनी जमीन औलाद के नाम नहीं कर सकता है तो फिर वह अपनी जमीन को जानबूझकर किसी अंजान को कैसे सौंप देगा? किसान अपनी एक इंच जमीन भी कारपोरेट घरानों को नहीं देने वाले हैं।
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सोमवार को किसान मैदान में कृषि कानूनों के खिलाफ आयोजित किसान महापंचायत में करीब 40 हजार से अधिक किसान पहुंचे। महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता टिकैत ने कहा कि किसानों की जमीन को उससे कोई छीन नहीं सकता है। सरकार कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलित किसानों पर मुकदमे दर्ज कर और नोटिसों का डर दिखा रही है लेकिन किसानों को डरने की जरूरत नहीं है।

जो किसान नोटिस से डरता है, उसे आंदोलन में आने की जरूरत नहीं है। यदि उत्तराखंड सरकार ने किसानों की जमीन की तरफ आंख उठाकर देखी तो दिल्ली जैसा हाल कर देंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पिछले करीब 15 दिनों से किसान आंदोलन को लेकर चुप है, लगता है वह किसान आंदोलन के दमन के लिए कोई योजना तैयार रही है।
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आजादी के समय देश की जीडीपी में कृषि का योगदान 60 प्रतिशत था, जो अब घटकर 10 प्रतिशत पहुंच गया है। अब सरकार की योजना इसे छह प्रतिशत तक पहुंचाने की है। यह लड़ाई अस्तित्व और खेती को बचाने की है। सरकार किसानों को खेतिहर मजदूर बनाने की तैयारी में है, जिस कारण किसानों को मजबूरी में खेती छोड़नी पड़ेगी। इससे देेश में भुखमरी बढ़ेगी। कहा कि यदि लड़ाई हारे जो जिंदगी हार जाएंगे इसलिए इस लड़ाई को जीतने तक लड़ेंगे।
किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा कि किसान संयुक्त मोर्चा ने पूरे देेश में किसानों और आम जनता को जागरूक करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार तीनों काले कानून वापस नहीं लेगी, आंदोलन जारी रहेगा। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर किसानों को बारी-बारी लूटा है। एक ने किसानों को आईसीयू में तो दूसरे ने वेंटिलेटर में पहुंचाया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकियू के जिलाध्यक्ष करम सिंह पड्डा ने की।
खेती की तकनीक में अमेरिका की नकल पर सुविधा में फिसड्डी
रुद्रपुर। भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि वर्तमान में पूरा विश्व दो भागों में बंटा हुआ है, चीन रीजन और अमेरिका। इन्हीं दो हिस्सों की राजनीति और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में भारत पिस रहा है। अमेरिका की नजर अधिक जनसंख्या और सस्ती मजदूरी वाले देशों पर लगी हुई है ताकि वह अपने उत्पादन सस्ती दरों में तैयार कर आसानी से बेच भी सके। सस्ती मजदूरी के लिए श्रम कानूनों में भी संशोधन किया गया है।
किसान महापंचायत में भाकियू नेता टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार षड्यंत्र के तहत तीनों काले कानूनों को लागू कर युवा किसानों को खेती से दूर करने का प्रयास कर रही है ताकि उद्योगपति आसानी से जमीन कब्जा सकें। यदि कृषि कानून लागू हुए तो अगले 20 वर्षों में जमीनों पर उद्योगपतियों का कब्जा हो जाएगा।
सरकार अमेरिका की तर्ज पर भारत में भी हजारों एकड़ के फार्म हाउसों में खेती करवाने के लिए उद्योगपतियों को किसानों की जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। सरकार किसानों की बजाय उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना चाह रही है, जबकि कृषि कानून केंद्र सरकार के बजाय राज्य स्तर का मामला है।
टिकैत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका की तकनीक की तो नकल कर रही है लेकिन सुविधाएं अमेरिका के सामने कहीं नहीं ठहरती। अमेरिका में एक बच्चे के जन्म से लेकर उसके कॅरिअर और अन्य जिम्मेदारियां सरकार की होती हैं लेकिन भारत में सरकार की ओर से कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई जाती है। भारत में हर साल करीब 20 लाख बच्चे कुपोषण से मर जाते हैं।
टिकैत ने कहा कि अमेरिका व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा में चीन से आगे निकलना चाहता है। ऐसे में अमेरिका की नजर भारत के कृषि क्षेत्र में है। कृषि क्षेत्र में उद्योगपतियों का कब्जा होने के बाद अमेरिका को इसका फायदा पहुंचाया जाएगा। खेतों में फसलों की जगह-जगह फैक्टरियां नजर आएंगी। किसान आंदोलन आज पूरे विश्व में एक आदर्श स्थापित कर रहा है।
हमारा आंदोलन किसानों की समस्याओं को लेकर : टिकैत
काशीपुर/बाजपुर। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि हमारा आंदोलन कृषि कानूनों के विरोध और किसानों की समस्याओं को लेकर है। किसी दल की सरकार बनाने और गिराने से किसानों का कोई सरोकार नहीं है। भाकियू नेता टिकैत सोमवार को रुद्रपुर महापंचायत में जाने से पूर्व कुछ देर काशीपुर में रुके।
यहां पत्रकारों से वार्ता में टिकैत ने कहा कि पहाड़ के किसानों को फल, सब्जियों और मोटे धान पर एमएसपी नहीं मिलना ही पलायन का सबसे बड़ा कारण है। पहाड़ में जैविक खेती की उपज का सही मूल्य नहीं मिलने से वहां के किसान परेशान हैं। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट सब्सिडी दी जानी चाहिए। कहा कि पलायन रोकने के लिए उत्तराखंड में किसानों के साथ ही निम्न आय वर्ग के लोगों को पर्वतीय भत्ता भी दिया जाए।
कहा कि उत्तराखंड में बड़े-बड़े होटल है, यहां दूसरे राज्यों से पर्यटक आते हैं। ऐसे में यहां विलेज टूरिज्म को बढ़ावा मिलना चाहिए। पहाड़ में जंगली जानवरों के आतंक से मुक्ति दिलाई जाए। भाकियू नेता ने कहा कि फसल जोतने को लेकर सरकार को संदेश देना था। उन्होंने अपील की है कि फसलें उजाड़कर जितना नुकसान होना था, वह हो चुका। अब किसान अपनी फसल बर्बाद ना करें। किसान फसल की कटाई करने के साथ ही आंदोलन में भी हिस्सा लें और अपने गुस्से को काबू में रखें।
उधर, बाजपुर में पहुंचने के दौरान टिकैत रुद्रपुर हाईवे स्थित रंधावा फार्म पहुंचे। टिकैत ने अस्वस्थ चल रहे किसान सेवक अजीत प्रताप सिंह रंधावा की कुशलक्षेम पूछी। इस दौैरान पत्रकारों से बातचीत में टिकैत ने कहा कि बाजपुर के 20 गांवों की भूमि की खरीद फरोख्त पर लगी रोक के मामले पर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। किसी कीमत पर जमीन छीनने नहीं दी जाएगी।
कृषि कानून को खारिज कराने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात नहीं करेंगे बल्कि सरकार से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि राजनीति छोड़ने के बाद ही किसान आंदोलन में शिरकत करें। एक सवाल के जवाब में टिकैत ने कहा कि पगड़ी तो हमारे पूर्वज भी बांधते थे।
हमें तो ज्ञान अब हुआ कि पगड़ी बांधने से गर्मी नहीं लगती। उन्होंने कहा कि पहाड़ से पलायन रोकने सहित पांच एजेंडे बनाए गए हैं, जिन्हें प्रमुखता से उठाया जाएगा। वहां रघुवीर सिंह रंधावा, जगतार सिंह बाजवा, दलजीत सिंह रंधावा, विजेंद्र डोगरा, सर्वजीत सिंह बाजवा, पिंकू, आईपी बरार, गुरचरन सिंह पड्डा आदि थे।
भारतीय किसान संघ ने महापंचायत को दिया समर्थन
रुद्रपुर। अब तक किसान आंदोलन में सीधे शामिल होने से बच रहे भारतीय किसान संघ ने सोमवार को रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत का खुुला समर्थन किया। महापंचायत के दौरान किसान मैदान में भारतीय किसान संघ से जुड़े कई किसान नजर आए। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ हुई किसान महापंचायत को उनका भी समर्थन है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कृषि कानूनों के खिलाफ जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन भेजे जा चुके हैं। (संवाद)
मंच पर भी नहीं रखीं कुर्सियां, जमीन पर बैठे किसान
रुद्रपुर। किसान महापंचायत का आयोजन बेहद सादगीपूर्ण तरीके से हुआ। मैदान से लेकर मंच तक कुर्सियां नहीं लगाई गईं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राकेश टिकैत से लेकर सभी लोग जमीन पर ही बैठे। हालांकि कुछ पुलिस कर्मी ड्यूटी के दौरान कुर्सियों पर बैठे नजर आए। (संवाद)
पंजाबी गायिका रूपिंदर हांडा ने किसानों का हौसला बढ़ाया
रुद्रपुर। पंजाबी गायिका रूपिंदर हांडा ने मंच से पंजाबी गीतों के माध्यम से किसानों का हौसला बढ़ाया। हांडा ने कहा कि वह गाजीपुर बॉर्डर से लगातार किसान आंदोलन से जुड़ी हुई हैं। सोनिया मान सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन का दमन करने के लिए तरह-तरह के षड्यंत्र रच रही है लेकिन किसान आंदोलन को तोड़ना नामुमकिन नहीं है। इस दौरान सोनिया मान सिंह को किसानों ने फावड़ा भेंट किया। (संवाद)
शहीद नवरीत के दादा बोले, हमेशा किसानों के साथ खड़े रहेंगे
रुद्रपुर। डिबडिबा (यूपी) निवासी शहीद किसान नवरीत सिंह के दादा सरदार हरदीप सिंह ने कहा कि सरकार से सीधे टकराव में नवरीत की शहादत हुई थी। नवरीत के शव को देखकर वह रोए नहीं बल्कि संकल्प लिया था कि लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने पर ही दम लेंगे। उन्होंने अपील की कि संयुक्त किसान मोर्चा में कोई बिखराव नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सात मार्च को सिंधु बॉर्डर पर मोर्चा की सफलता के लिए अरदास की जाएगी। हरदीप सिंह ने कहा कि नौजवानों में आंदोलन को लेकर थोड़ी निराशा है। उन्होंने राकेश टिकैत की ओर से इशारा करते हुए कहा कि नौजवानों की निराशा दूर करने और आंदोलन को मुकाम तक ले जाने की जिम्मेदारी आपकी है। (संवाद)
महापंचायत में ये लोग रहे मौजूद
सिख संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जसवीर सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़, पूर्व विधायक नैनीताल सरिता आर्या, रणजीत रावत, हरीश दुर्गापाल, प्रेमानंद महाजन, संध्या डालाकोटी, खष्टी बिष्ट, जगतार सिंह बाजवा, सुमित्तर भुल्लर, सुमित हृदयेश, सीपी शर्मा, बहादुर सिंह जंगी, नजमा बेगम, विक्रमजीत सिंह, सेवा सिंह, राम सिंह बेदी, शीला शर्मा, संजय नेगी, कुलविंदर सिंह किंदा, संदीप चीमा, मीना शर्मा के अलाव कई लोग मौजूद रहे। (संवाद)
महापंचायत के मंच पर सियासी नेताओं को नहीं मिली एंट्री
रुद्रपुर। महापंचायत में कांग्रेस, आप सहित अन्य सियासी दलों के नेता अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे लेकिन मंच पर उनको जगह नहीं मिल सकी। इसके चलते कुछ नेताओं को मायूसी हाथ लगी। कुछ सियासी नेता उत्साहित होकर मंच पर पहुंच गए थे जिन्हें आयोजकों ने आग्रह कर वहां से हटा दिया। आयोजकों ने किसान आंदोलन से जुड़े लोगों को ही संबोधन का मौका दिया। सियासी दलों के कई नेता मंच के ठीक सामने बनाई गई गैलरी में बैठे नजर आए। (संवाद)
रुद्रपुर में किसान महापंचायत को संबोधित करते किसान नेता डॉ. दर्शन पाल।
रुद्रपुर में किसान महापंचायत को संबोधित करते किसान नेता डॉ. दर्शन पाल।- फोटो : RUDRAPUR
संबोधित करतीं सोनिया मान सिंह।
संबोधित करतीं सोनिया मान सिंह।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में हुई महापंचायत में पंजाबी गीत प्रस्तुत करती गायिका रूपिंदर हांडा
रुद्रपुर में हुई महापंचायत में पंजाबी गीत प्रस्तुत करती गायिका रूपिंदर हांडा- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में किसान महापंचायत स्थल पर लगा किसान मैदान का बोर्ड।
रुद्रपुर में किसान महापंचायत स्थल पर लगा किसान मैदान का बोर्ड।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में किसान महांपचायत में संबोधित करते राकेश टिकैत व अन्य किसान।
रुद्रपुर में किसान महांपचायत में संबोधित करते राकेश टिकैत व अन्य किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में जुलूस की शक्ल में पहुंचे श्रमिक।
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में जुलूस की शक्ल में पहुंचे श्रमिक।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में लंगर चखते लोग।
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में लंगर चखते लोग।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में लगी गन्ने के जूस की छबील।
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में लगी गन्ने के जूस की छबील।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में किसान महापंचायत में मौजूद महिला किसान।
रुद्रपुर में किसान महापंचायत में मौजूद महिला किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में किसान महांपचायत में मौजूद किसान।
रुद्रपुर में किसान महांपचायत में मौजूद किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में किसान महापंचायत को संबोधित करते भाकियू नेता राकेश टिकैत।
रुद्रपुर में किसान महापंचायत को संबोधित करते भाकियू नेता राकेश टिकैत।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में मौजूद किसान।
रुद्रपुर में आयोजित किसान महापंचायत में मौजूद किसान।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर में हुई महापंचायत के मंच पर मौजूद भाकियू नेता राकेश टिकैत और जगतार सिंह बाजवा।
रुद्रपुर में हुई महापंचायत के मंच पर मौजूद भाकियू नेता राकेश टिकैत और जगतार सिंह बाजवा।- फोटो : RUDRAPUR

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