विज्ञापन
विज्ञापन

देसी गाय के गोबर से बनाई सुंदर कलाकृतियां

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Mon, 21 Oct 2019 12:36 AM IST
ख़बर सुनें
काशीपुर। आईआईएम के उत्तिष्ठा-2019 प्रदर्शनी में 102 स्टार्टअप्स ने अपने स्टॉल लगाए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। सीएम ने स्टार्टअप्स करने वालों से उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली और उन्हें प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन
प्रदर्शनी में कृषि, पर्यावरण, पर्यटन, कला, संस्कृति एवं व्यापार क्षेत्र के स्टॉल लगाए गए। मुख्य बाजार स्थित राधा कलेक्शन की स्वामी सुरभि अग्रवाल ने बताया कि वह युवतियों को हस्तनिर्मित ज्वेलरी व अन्य सजावटी सामान को तैयार करने का प्रशिक्षण देती हैं। सात माह पूर्व उन्होंने अपना खुद का बिजनेस शुरू किया है। वह अपने घर से भी ऑनलाइन व्यापार करती हैं। इसके अलावा व्हाट्स अप ग्रुप के माध्यम से भी उत्पाद बेचती हैं। अनिता अग्रवाल ने श्री विनायक के नाम से मसालों को स्टार्ट अप्स किया है। वह आचार, जैम और मसाले आदि तैयार कर उसकी मार्केटिंग कर रही है।
ख्वाहिशें एनजीओ की संचालिका आयुषी नागर कहती हैं कि उनकी संस्था तार और धागों से आर्टिफिशियल ज्वैलरी तैयार करती है। संस्था की ओर से बच्चों को भी हस्तकला का प्रशिक्षण दिया जाता है। जिला उद्योग केंद्र के अधीन हिमांशी हस्तशिल्प एक्सप्रो ने घास से निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया। डीआईसी के राहुल और रियाजुद्दीन ने बताया कि यहां तैयार होने वाले उत्पादों का निर्यात आस्ट्रेलिया और यूरोपियन देशों में होता है।
काशीपुर में कॉस्मेटिक इंडस्ट्री चलाने वाली श्री लक्ष्मी ने कोकोनट आधारित सजावटी उत्पादों का प्रदर्शन किया। वह यह सामान साउथ से मंगाती है। इस काम से वह 20 से 25 हजार रुपये तक कमा लेती है।
हल्द्वानी की निर्मला सोसायटी ने मोमबत्ती व जूट के उत्पादों का प्रदर्शन किया। संस्था की रूबी भटनागर, हेमंत कुमार ने बताया कि इस कार्य में उन्हें सरकारी अनुदान व ब्याज में छूट मिलती है। सेंटाइल बायोटेक के पीयूष तिवारी और दीवाकर चौबे आदि ने जैविक खेती के उत्पादों का प्रदर्शन किया। आईटीआई के विभिन्न ट्रेडों के छात्रों ने अपनी-अपनी ट्रेडों के कोर्स के बारे में बताया। वहां प्रधानाचार्य अनिल कुमार त्रिपाठी मौजूद रहे।
हस्तशिल्प कला केंद्र, डिजाइन सेंटर के उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया। ट्रेनर मो. अनीस ने बताया कि उनके केंद्र पर 180 महिलाओं को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण दिया गया है। राजकीय पालीटेक्निक, कालाढूंगी के प्राचार्य अखिलेश वर्मा ने बताया कि डिप्लोमा एवं कंप्यूटर साइंस के छात्रों की ओर से ब्लड डोनेशन के लिए एक वेबसाइट तैयार की गई है। इसके माध्यम से प्रतिवर्ष 40 से 45 यूनिट रक्त डोनेट किया जाता है। प्रदर्शनी में कृषि आधारित पर्वतीय उत्पादों के अलावा खान पान के स्टॉल भी थे।
देसी गाय के गोबर से बनाई सुंदर कलाकृतियां
काशीपुर। गाय के दूध, गौ मूत्र को जहां लोग अमृत समान मानते हैं। उसी गाय के गोबर से भी कई डेली निड्स की सुंदर और आकर्षित करने वाली कलाकृतियां भी बन सकती है। आईआईएम में स्टार्टअप मेला उत्तिष्ठा-2019 में आए नीरज कुमार की ओर से निर्मित गोबर से बनी डेली निड्स की सुंदर कलाकृत्तियां देख हर कोई चकित रह गया।
रविवार को आईआईएम में स्टार्टअप मेला उत्तिष्ठा-2019 के तहत प्रदर्शनी में स्टॉल लगाने वाले श्री बंशी गौ धाम काशीपुर के नीरज कुमार ने बताया कि वह भारतीय देसी गाय के गोबर से निर्मित कलाकृतियां बनाते हैं। जो वह कलाकृतियां बनाते हैं उसमें चाबी के छल्ले, सभी तरह की मूर्तियां, दीपावली के लिए दीये, माला, दीवारों पर लगने वाली टाइल्स, राखी, घड़ी समेत जो लोगों को डिजाइन बनवाने हैं बना सकते हैं। नीरज ने कहा कि चार साल पहले वह दूध के लिए डेयरी प्लान कर रहे थे। लेकिन फिर उन्होंने डेली निड्स के आइटम के बारे में विचार किया और देसी गाय के गोबर से कुछ मूर्तियों का निर्माण किया, जिस पर अच्छा रिस्पोंस मिलने लगा और पहला ऑर्डर उन्हें चार हजार मूर्तियां बनाने का तमिलनाडु से आया। उन्होंने हरियाणा से पंच गव्य चिकित्सा का कोर्स भी किया। नीरज ने बताया कि आज उनकी निर्मित कलाकृतियां उड़ीसा, तमिलनाडु, हिमाचल, राजस्थान समेत 20 राज्यों को जाती हैं। उन्होंने दस और लोगों को इस रोजगार में रखा है, जिन्हें वह प्रतिमाह वेतन भी देते हैं। नीरज ने बताया कि इस काम में उनका पूरा खर्चा निकालकर करीब 40 से 50 हजार रुपये बच जाता है।
31 वर्षीय नीरज ने बताया कि उनकी यह कलाकृतियां इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड से एप्रूवल हो चुकी हैं। नीरज ने बताया कि वह किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनकी कार्यशाला आवास-विकास में है।
जैविक गौ धूप से भागेंगे मच्छर और छिपकली
काशीपुर। अब तक आपने मच्छर और छिपकली भगाने के लिए कई महंगे प्रोडक्ट खरीदे होंगे, फिर भी इनसे राहत नहीं मिली होगी। लेकिन, जैविक धूप से छिपकली भी भागेंगी और मच्छर भी पास नहीं फटकेंगे। यह कहना है काश्तकार विकास समिति कोटाबाग (नैनीताल) की अध्यक्ष माया नेगी का। आईआईएम में स्टार्टअप मेले में नाबार्ड की ओर से एवं सहयोगी संस्था काश्तकार विकास समिति कोटाबाग के बैनर तले लगे समृद्धि स्वयं सहायता समूह में यूं तो कई जैविक सब्जियां, दाल, मसाले थे। लेकिन जो इनसे अलग थी वह थी जैविक गौ धूप। समिति की अध्यक्ष माया नेगी ने बताया कि जैविक धूप को गाय के गोबर, गौ मूत्र, गाय के घी, हवन सामग्री से मिलाकर बनाया है। इसकी सुगंध जितनी सुगंधित है उतनी ही इसकी खासियत है। जलाने पर यह धूप धुआं नहीं देती, धूप जलाने पर यह पूरी जलती है। मच्छर और छिपकली तो इसकी सुगंध से आसपास नहीं फटकते हैं। बताया कि इस धूप को बनाने में एक सप्ताह का समय लगता है।
स्टीबिया पत्ती की चाय से कंट्रोल होगी शुगर
काशीपुर। अगर आप चाय पीने के शौकीन हैं और मधुमेह से परेशान हैं तो स्टीबिया पत्ती की चाय पीजिए। इससे न तो आपकी शुगर बढ़ेगी और चाय की मिठास भी बनी रहेगी। आईआईएम में स्टार्टअप मेले में बग्वान ग्रामोद्योग समिति की ओर से लगाए गए स्टॉल में स्वयं सहायता समूह की ओर से बनाए गए यूं तो केंचुआ खाद, मशरूम उत्पाद, मशरूम पाउडर समेत कई उत्पाद थे। लेकिन इसमें सबसे अलग स्टीबिया पत्ती (शुगर फ्री) की चर्चा अधिक रही। समिति की कोषाध्यक्ष रोशनी चंदेल ने बताया कि स्टीबिया की पत्ती टिहरी गढ़वाल में मिलती है। मधुमेह रोगियों के लिए यह लाभदायक है। चाय में इसकी कुछ पत्ती मिलाने से यह चीनी की मिठास देती है। लेकिन इससे मधुमेह बढ़ता नहीं है। महज 35 रुपये का एक छोटा पैकेट कई दिन तक चलता है। इसके अलावा बच्चों के लिए मशरूम पाउडर भी समिति तैयार करती है।
दिदसारी पहाड़ी नमक लुभा रहा विदेशियों को
काशीपुर। भाग दौड़ भरी जिंदगी में बढ़ते रक्तचाप से निजात दिलाने में दिदसारी पहाड़ी नमक देश ही नहीं विदेशियों को भी खूब भा रहा हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार मिलने लगा है। दिदसारी नमक के लिए फ्रांस और यूएसए से डिमांड आने लगी है।
आईआईएम में लगे स्टार्ट अप मेले में स्टॉल लगाने आए देहरादून निवासी हर्षित सहदेव ने जून 2013 केदारनाथ में त्रासदी के बाद उत्तरकाशी के दिदसारी गांव में डेढ़ वर्ष रहकर उन्होंने इस त्रासदी के बारे में सोशल मीडिया पर काफी कुछ लिखा। ऑनलाइन इंटरनेट पर पढ़कर दो वर्ष पूर्व फ्रांस से क्लोय एंडो नाम की युवती देहरादून पहुंची। महिलाओं की ओर से तैयार किया गया नमक पहली बार करीब दस हजार रुपये का दिवाली गिफ्ट सैंपल के तौर पर फ्र्रांस भेजा गया। वहां के कॉरपोरेट हाउस को यह गुणकारी नमक पसंद आया। इसके बाद हर्षित ने वर्ष 2018 देहरादून में हिमशक्ति नाम से स्टार्टअप (कंपनी) तैयार की। वेबसाइट पर नमक के गुणों के बारे में प्रचार किया। दिदसारी गांव की महिलाएं नमक के पैकेट तैयार कर कंपनी को भेजने लगी। दिदसारी नमक के लाभ जानने के बाद प्रदेश व विदेशों से डिमांड आने लगी।
कंपनी चेयरमैन हर्षित सहदेव ने बताया कि जड़ीबूटियों का प्रयोग कर इस नमक को स्वादिष्ट बनाया गया है। यह बाजार में बिकने वाले नमक से अधिक गुणकारी है। यह उक्त रक्तचाप को कम करता है। साथ ही प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है। बताया कि फ्रांस और यूएसए को 200 पैकेट नमक भेजा है। रूस और इंडोनेशिया से नमक की डिमांड आई है, जिसके लिए नमक तैयार किया जा रहा है।
इस मौके पर निशि गोयल, अमोक अग्रवाल, सुधांशु लोशाली मौजूद रहे।
पॉलीटेक्निक के छात्रों ने तैयार किया एंड्रोयड कंट्रोल रोबोट
काशीपुर। राजकीय पॉलीटेक्निक कालाढूंगी के इलेक्ट्रोनिक विभाग के छात्रों ने एंड्रोयड कंट्रोल रोबोट तैयार किया, जिसमें दो कंपोनेट, मोटर ड्राइवर, ब्लू टूथ, वाईफाई, नौ बोल्ट की बैट्री, विड बोर्ड, जंपर वायर के साथ डीसी मोटर का प्रयोग किया गया है। विद्यार्थी जया, नेहा, अमित कुमार जोशी, मोहित मनराल ने एक सप्ताह में करीब साढ़े तीन हजार कीमत में रोबोट तैयार किया है। यह रोबोट सुरक्षा एजेंसी के लिए कारगर साबित होगा। आतंकियों के खुफिया अड्डे पर भेजकर आसानी से जानकारी हासिल कर सकता है। इसमें पानी का टैंक, पाइप, अतिरिक्त बैट्री लगा दी जाए तो यह फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए लाभदायक होगा। इसे मोबाइल के ब्लू टूथ से भी कंट्रोल किया जा सकता है। वहां पर प्रधानाचार्य अखिलेश वर्मा, हरीश चंद्र पांडे थे।
साढ़े 12 लाख में तैयार किया ट्रैक्टर
काशीपुर। आईआईएम परिसर में लगे एक स्टॉल में पुणे महाराष्ट्र की इंडस्ट्रियल फार्म टैक कंपनी के श्रीलेश पांडे और सौरभ जाधव ने डेढ़ वर्ष में सीमांत किसानों के लिए एक बहुउद्देश्यीय ट्रैक्टर तैयार किया है। इसमें जुताई और मिट्टी को बारीक करने के लिए रोटर, 200 लीटर पानी का टैंक, पावर स्टेरिंग, ट्रॉली को एक साथ जोड़ा गया है। इसमें एक घंटे में एक लीटर डीजल खर्च होगा। श्रीलेश पांडे ने बताया कि वह स्वयं किसान परिवार से है। चार एकड़ भूमि पर पिता राजेंद्र मांडे खेती करते हैं। करीब साढ़े 12 लाख की कीमत का पहला ट्रैक्टर तैयार किया है, जिसमें 10 लाख रुपये केंद्र और 2.5 लाख स्वयं खर्च किए हैं।
गरूडा ब्लोवर यंत्र का आविष्कार किया
काशीपुर। पुणे निवासी सागर ने चार साथियों की मदद से मार्केट यार्ड एग्री सॉल्यूशन कंपनी में गरूडा ब्लोवर यंत्र का आविष्कार किया। इसमें 200 लीटर पानी का टैंक और चार हिलने वाली ओसीलेटिव नॉजिल लगी है, जो फूलों और फलों के पेड़ों की पत्तियों के आगे पीछे तक छिड़काव करने में कारगर है। यह छोटे किसानों व पर्वतीय किसानों के लिए लाभकारी है। इसे ट्रैक्टर के पीछे जोड़कर प्रयोग में लाया जाता है। कंपनी इसे 70 हजार रुपये में बेच रही है। इससे कीटनाशक दवाइयाें की बचत होती है। वहां पर जयकार सेट्टी, सागर बामुडे, हर्षत आदि थे।
15 किग्रा वजन उठाकर नौ किमी दूर तक दवा का छिड़काव कर सकता है ड्रोन
काशीपुर। आवास-विकास रुद्रपुर निवासी अनुज अरोड़ा ने अपनी पत्नी रुचि अरोड़ा के साथ 2004 में पंतनगर विवि से बीएससी और एमएससी कृषि विभाग से की। 2018 तक हल्दीराम कंपनी में नौकरी की। छह माह में गाजियाबाद में फार्मटन एग्रो सर्विसेस कंपनी में रहकर कीटनाशक छिड़काव के लिए 4.8 लाख रुपये का एक ड्रोन तैयार किया। इसमें प्रोग्राम अपलोड किया है, जिसे मोबाइल से जोड़ा है। यह ड्रोन 15 किग्रा वजन उठाकर नौ किमी दूरी तक फसलों पर छिड़काव कर सकता है। रिलायंस फाउंडेशन के साथ मिलकर राजस्थान, छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) में काम चल रहा है। अनुज अरोड़ा ने बताया कि यह ड्रोन पांच लीटर कीटनाशक एक एकड़ फसल में छिड़काव कर सकता है।
भांग के बीजों से तैयार की औषधियां और साबुन
काशीपुर। पौड़ी निवासी युवती ने अपने भाई के साथ भांग के उत्पादों को स्टार्टअप्स के तौर पर अपनाया है। इसके बीजों और रेशे से दैनिक उपयोग की वस्तुएं तैयार हो सकती है। फिलहाल इसके बीजों से तैयार रामबाण औषधियां, साबुन, लुगदी से तैयार बैग, पर्स और अन्य वस्तुएं बाजार में उतर चुकी हैं।
आईआईएम के उत्तिष्ठा-2019 में आए जीपी हेम्प के निदेशकों ने लाइसेंस युक्त भांग की खेती से तैयार उत्पादों की खूबियों के बारे में बताया। प्रदर्शनी में आए लोगों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित इन उत्पादों में खूब रुचि दिखाई।
उत्तराखंड राज्य में 3.17 लाख हेक्टेयर भूमि बंजर है। यहां सिंचाई के साधन न होने, बंदरों, सुअर व अन्य जंगली जानवरों के कारण सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन बढ़ रहा है। बंजर क्षेत्रों में भांग की पैदावार की अच्छी संभावना है। भांग पर आधारित उत्पादन के लिए पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक निवासी नम्रता कंडवाल और उसके भाई दीपक कंडवाल ने जीपी हेम्प एग्रोवेशन स्टार्टअप्स शुरू किया है। वे अपने उत्पादों को लेकर आईआईएम के उत्तिष्ठा-2019 में भी पहुंचे। वे उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग भी करते हैं।
उनके समूह में आठ लोग हैं। नम्रता बताती हैं कि भांग का पूरा पेड़ बहुपयोगी है। इसके बीजों से निकलने वाले तेल से औषधियां बनती है। इस तेल को एनाया नाम दिया गया है, जिसका अर्थ केयर करना है। इसका उपयोग खाद्य तेल के रूप में भी किया जा सकता है। इसके अलावा अन्य जड़ीबूटियों के मिश्रण से तैयार तेल जोड़ों के दर्द, स्पाइनल पैन, सिरोसिज जैसे असाध्य बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके पौधे की लुगदी से साबुन भी तैयार किया जा रहा है। भांग के रेशे से धागा बनाकर हस्तशिल्प कारीगरों की ओर से बैग, पर्स, कंडी या अन्य उपयोग की वस्तुएं भी तैयार की जा रही है। भांग के रेशे से ही नोटबुक भी बनाई जा रही है।
खास बात यह है कि भांग से निर्मित उत्पादों को सात से आठ बार तक रिसाइकिल किया जा सकता है। लेकिन काम की शुरूआत छोटे स्तर पर होने के कारण इसमें मुनाफा कम पड़ रहा है। भांग की लकड़ी, चूने और पानी से निर्मित ईंट समय के साथ-साथ कार्बन डाई आक्साइड को सोख लेती है। भांग की ईंट और लकड़ी के पार्टीशन से बने भवन टिकाऊ होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अनुकूल साबित होते हैं। मध्यप्रदेश में भांग से बनी ईंट का उपयोग किया जा रहा है। नम्रता बताती हैं कि भांग आधारित उद्योग उत्तराखंड के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।
विज्ञापन

Recommended

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण
NIINE

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण

विनायक चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर(मुंबई ) में भगवान गणेश की पूजा से खत्म होगी पैसों की किल्लत 30-नवंबर-2019
Astrology Services

विनायक चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर(मुंबई ) में भगवान गणेश की पूजा से खत्म होगी पैसों की किल्लत 30-नवंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Dehradun

रुद्रपुर: पति ने पहले पत्नी को बुरी तरह पीटा फिर चाकू लेकर दौड़ाया, गिरफ्तार

उत्तराखंड के रुद्रपुर में रंपुरा चौकी क्षेत्र के पहाड़गंज में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को बुरी तरह पीट दिया।

19 नवंबर 2019

विज्ञापन

महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे ने 22 नवंबर को बुलाई विधायकों की बैठक

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर पेंच अभी भी फंसा हुआ है। वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 22 नवंबर को पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है।

19 नवंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election