सरकारी स्कूलों के विलयीकरण का जनप्रतिनिधियों ने किया विरोध

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Wed, 04 Mar 2020 01:06 AM IST
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सितारगंज में एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
सितारगंज में एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। - फोटो : SITARGANJ

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क्षेत्र के विभिन्न सरकारी स्कूलों के विलीनीकरण के खिलाफ जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मुखर हो गए हैं। कांग्रेसियों ने बीआरसी परिसर में प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। वहीं बसगर ग्रामसभा के ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन कर एसडीएम से विलीनीकरण न किए जाने की मांग की।
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मंगलवार को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक व पूर्व विधायक नारायण पाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता बीआरसी पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल बेबीरानी मौर्या को संबोधित ज्ञापन बीआरसी के प्रभारी को सौंपा। उन्होंने कहा कि अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक एक किमी की दूरी पर प्राथमिक स्कूल एवं प्रत्येक तीन किमी की दूरी पर उच्च प्राथमिक स्कूली की स्थापना राज्य सरकार को अनिवार्य रूप से करने का प्रावधान है।
जबकि जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम में निहित प्रावधानों के अंतर्गत पूर्व में खोले गए स्कूलों का पांच से सात किमी की दूरी पर विलीनीकरण किया जा रहा है। इससे जिले के हजारों बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित होने को मजबूर हैं।
साथ ही करोड़ों की सरकारी संपत्ति भी नष्ट होगी और हजारों शिक्षकों के पद समाप्त हो जाएंगे। वहां पूर्व पालिकाध्यक्ष हाजी अनवार अहमद, हसनैन मलिक, पूरन चौहान, जावेद सिद्दीकी, राकेश गोगना, सुखदेव सिंह, जावेद मंसूरी, गुर मेल सिंह आदि थे।
इधर, बसगर गांव के लोगों ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एसडीएम गौरव कुमार को ज्ञापन देकर राजकीय प्राथमिक स्कूल भुजिया का विलीनीकरण न करने की मांग की। वहां स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण यादव, गुलफाम अली, रामपद मंडल, पूजा मंडल, इस्तकार हुसैन, अशोक मंडल, मो. यासीन आदि थे।
सरकारी स्कूलों के विलीनीकरण का किया विरोध
खटीमा। सरकारी स्कूलों के विलीनीकरण की प्रक्रिया को रोकने की मांग को लेकर बीडीसी सदस्यों और ग्राम प्रधानों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम निर्मला बिष्ट को सौंपा।
ब्लॉक प्रमुख रंजीत सिंह नामधारी के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से चार किमी के दायरे में आने वाले सरकारी स्कूलों का विलय कर उच्च प्राथमिक स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई गई है जो गलत है।
उन्होंने कहा कि स्कूल की दूरी अधिक होने से बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होगी। ग्राम सभाओं के जनप्रतिनिधियों को योजना के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। जनप्रतिनिधियों ने गांव में संचालित उच्च प्राथमिक स्कूलों के विलयीकरण को रोकने की मांग की है। वहां मीनाक्षी राणा, सुरेंद्र राणा, घनश्याम सिंह, पपिंदर सिंह, अशोक कुमार, कुलविंदर कौर, महेंद्र पाल, सपना राणा, राजू सोनकर, देवेंद्र सिंह, रामू भंडारी, बलजीत सिंह, अमरजीत सिंह आदि थे।
सितारगंज बीआरसी में ज्ञापन देते पूर्व विधायक नारायण पाल व कांग्रेसी।
सितारगंज बीआरसी में ज्ञापन देते पूर्व विधायक नारायण पाल व कांग्रेसी।- फोटो : SITARGANJ
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