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स्टोन क्रशर की ओर से नदी में बनाए मार्ग के कारण पांच गांवों के दर्जनों घर जलमग्न

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 12:24 AM IST
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बाजपुर कोसी नदी में बाढ़ आने से सुल्तानपुर पट्टी के बाजार घाट में हुआ कटाव।
बाजपुर कोसी नदी में बाढ़ आने से सुल्तानपुर पट्टी के बाजार घाट में हुआ कटाव। - फोटो : BAZPUR
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सितारगंज/शक्तिफार्म। स्टोन क्रशर की ओर से मनमाने तरीके से बैगुल नदी पर ह्यूम पाइप डालकर ऊंचा मार्ग बनाने से उत्पन्न अवरोध के कारण नदी में आई बाढ़ का पानी सिसौना, राजनगर सहित पांच गांव के दर्जनों घरों में घुस आया। ग्रामीणों ने नदी में बनाए मार्ग का विरोध करते हुए इसे तोड़ने की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम तुषार सैनी ने क्रशर संचालकों से नदी में बनाए मार्ग को तत्काल तोड़ने का निर्देश दिया।
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तीन साल पहले सिसौना गांव के समीप बैगुल नदी किनारे कई स्टोन क्रशर लगाए गए। इन क्रशरो में नंधौर नदी से उप खनिज लेकर वाहन पहुंचते हैं। वाहनों की दूरी कम करने के लिए क्रशर संचालकों ने सिंचाई विभाग से बैगुल नदी में रपटा बनाए जाने की अनुमति ली। परंतु नदी में ह्युम पाइप डालकर ऊंचा मार्ग बना दिया। इससे पानी के बहाव में अवरोध उत्पन्न होने से बरसात में नदी में बाढ़ आने के दौरान सिसौना, राजनगर, कोटाफार्म, सुरेंद्रनगर और निर्मलनगर के दर्जनों घरों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सिसौना के प्रधान कुलदीप सिंह और राजनगर के प्रधान अशोक माली ने बताया कि गत वर्ष जलभराव के कारण लोगों को अपना घर छोड़कर अन्यत्र जाना पड़ा था। साथ ही सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान की फसल नष्ट हो गई थी।

ग्रामीणों के विरोध पर क्रशर संचालकों ने बरसात से पूर्व जून माह में ही नदी से सड़क को हटा लेने की बात कही थी। क्रशर संचालक की ओर से नदी पर बनाए मार्ग को नहीं हटाने से मंगलवार को नदी में आई बाढ़ का पानी पांच गांवों के दर्जनों घरों में भर गया। बुधवार को जिला पंचायत सदस्य उदय सिंह राणा, ग्राम प्रधान कुलदीप सिंह और अशोक माली की अगुवाई में ग्रामीणों ने नदी में पहुंच अवरोध बने मार्ग को हटाने की मांग करते हुए हंगामा काटा। एसडीएम सैनी ने भी मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण निर्मलनगर के समीप तटबंध के टूटने का खतरा बना हुआ है। एसडीएम ने क्रशर संचालकों को तत्काल नदी में बनाए गए सड़करूपी अवरोध को हटाने के निर्देश दिए। क्रशर संचालकों ने पोकलेन से नदी में बनाए मार्ग को तोड़ना आरंभ कर दिया है।
सिंचाई विभाग ने क्रशर संचालकों को नदी के बहाव में बिना अवरोध उत्पन्न किए मार्ग निर्माण की अनुमति दी है। इसके बावजूद मनमाने तरीके से ह्यूम पाइप डालकर नदी में मार्ग बनाया गया है। इससे नदी का बहाव अवरुद्ध हो रहा है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-तुषार सैनी, एसडीएम सितारगंज।
सितारगंज। मंगलवार को बैगुल नदी में उफान के बाद अरविंद नगर ग्रामसभा के तीन गांवों में आई बाढ़ का पानी अब उतरने लगा है। इससे चारों तरफ कीचड़ ही कीचड़ देखने को मिल रही है। लगभग डेढ़ सौ परिवार इससे प्रभावित हैं। दर्जनों एकड़ में धान की फसल अभी भी जलमग्न है। प्रभावित लोगों के लिए गांव में ही राहत शिविर बनाया गया है। परंतु शिविर में जाने के लिए लोग राजी नहीं हो रहे हैं।
पहाड़ों के साथ-साथ क्षेत्र में लगातार हो रही अतिवृष्टि के चलते बैगुल नदी उफान पर है। मंगलवार को ग्रामसभा अरविंदनगर के गांव सात, आठ और नौ नंबर पूरी तरह से जलमग्न हो गए थे। जिसके चलते इन तीनों गांव के डेढ़ सौ परिवार प्रभावित हैं। सैकड़ों एकड़ फसल पूरी तरह से जलमग्न है। बुधवार सुबह से गांव का जलस्तर कम होने लगा। अब वहां चारों और कीचड़ ही कीचड़ दिखाई देने लगी है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है। चौकी प्रभारी संजीत कुमार यादव ने बाढ़ प्रभावित इन गांवों के घर घर पहुंच लोगों से अलर्ट रहने की अपील की। चौकी प्रभारी यादव ने कहा कि एहतियातन अरविंदनगर के हरि मंदिर, प्राथमिक विद्यालय एवं पंचायत घर को राहत शिविर के रूप में चिन्हित किया गया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को अत्यधिक बारिश होने पर तत्काल ग्रामसभा के इन तीनों स्थानों में पहुंचने की अपील की। बुधवार को जिला पंचायत सदस्य उत्तम आचार्य तहसील कर्मियों के साथ नाव पर सवार होकर प्रभावित परिवारों से मिले और उन्हें हरसंभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया। राजस्व उपनिरीक्षक त्रिलोचन सिंह सुयाल ने कहा कि जल स्तर कम होने के बाद सर्वे कर प्रभावित परिवारों को अहेतुक सहायता मुहैया कराई जाएगी।
जलभराव से निजात को नहीं हुई कारगर पहल
सितारगंज। गत वर्ष ग्रामसभा अरविंदनगर के इन तीनों गांवों में जलभराव के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण कर गांव के दक्षिण छोर में जलपनिया नहर की नाममात्र सफाई कर अपने कार्यों की इतिश्री कर ली थी। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से पूर्व जलपनिया नहर की ठीक से सफाई हो जाती तो जलभराव से निजात संभव था।
कोसी नदी उफनाई सुल्तापुर पट्टी में कटाव
बाजपुर। बारिश होने से क्षेत्र की कोसी सहित अन्य नदियां उफान पर है। लेवड़ा नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ का पानी आने से हल्द्वानी स्टेट हाईवे पर बुधवार दोपहर तक जलभराव रहा। मंगलवार रातभर रुक रुक कर बारिश होती रही। इससे नगर के मोहल्ला राजीवनगर, चकरपुर, बांकेनगर सहित अन्य कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इधर, कोसी नदी में बाढ़ आने से सुल्तानपुर पट्टी के बाजार घाट क्षेत्र में कई जगह कटाव हो गया। जिससे पिचिंग को भी खतरा हो गया। नागरिकों ने कटाव स्थल को ठीक करने की मांग की है।
बारिश के पानी से यूपी सीमा से लगे गांव जलमग्न
खटीमा। क्षेत्र में लगातार हुई बारिश से अब पानी यूपी सीमा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में भरने लगा है। बारिश के पानी से बढ़ा जलस्तर अब ग्रामीण क्षेत्र के मार्गों में भी फैल चुका है। ग्राम जादोपुर एवं नौसर का संपर्क पानी से टूट चुका हैं। टेड़ाघाट गेट नंबर 24 के ह्यूूम पाइप पर्याप्त मात्रा में बरसाती पानी नहीं निकाल पा रहे हैं।
ग्राम जमौर, बरी अंजनिया, टेड़ाघाट ग्रामों के निचले हिस्से में भरे पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यह पानी रेलवे ट्रेक की पुलिया से बमुश्किल पास हो रहा है। इधर सुनपहर, जादोपुर, नौसर मार्ग पर दो से चार फुट पानी भर चुका है। मेहरबान नगर, उलानी में भरा पानी अब घटने लगा है।(संवाद)
बारिश से जगह-जगह जलभराव, पानी में बहे सिलिंडर
रुद्रपुर। 24 घंटे से लगातार जारी बारिश के कारण रुद्रपुर में बुधवार को जगह-जगह जलभराव की समस्या रही। कई स्थानों पर बरसाती पानी की निकासी न होने से ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई। बारिश के कारण रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। जिले में कुल 38 एमएम बारिश दर्ज हुई। मौसम वैज्ञानिकों ने आज भी बारिश की संभावना जताई है।
रुद्रपुर में बारिश के कारण गांधी पार्क, काशीपुर बाइपास, अग्रसेन चौक, डीडी चौक, इंदिरा कालोनी, रम्पुरा, ट्राजिंट कैंप और रोडवेज स्टेशन के गेट आदि स्थानों पर जलभराव की समस्या रही। मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप में कीचड़ की समस्या के साथ ही कई घरों में बरसाती पानी घुस गया। काशीपुर बाइपास स्थित इंडेन गैस एजेंसी कार्यालय परिसर में भारी जलभराव के कारण गैस सिलेंडर बरसाती पानी में बह गए। कर्मचारियों ने कहा कि नगर निगम की लापरवाही के कारण बरसाती पानी की निकासी नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष गैस एजेंसी कार्यालय परिसर में हुए जलभराव में डूबकर एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन ने आज तक बरसाती पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं की। बारिश के कारण रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने के कारण बस अड्डे में लोग परेशान रहे। बारिश के बीच लोग बसों की बाट जोहते रहे। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि बृहस्पतिवार को भी बारिश की संभावना है।
रुद्रपुर में गैस एजेंसी कार्यालय परिसर में बरसाती पानी में बहते सिलिंडर।
रुद्रपुर में गैस एजेंसी कार्यालय परिसर में बरसाती पानी में बहते सिलिंडर।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर की इंदिरा कालोनी की सड़क पर बहता बरसाती पानी।
रुद्रपुर की इंदिरा कालोनी की सड़क पर बहता बरसाती पानी।- फोटो : RUDRAPUR
सितारगंज में बैगुल नदी पर बनाए गए अवरोध का जायजा लेते एसडीएम तुषार सैनी।
सितारगंज में बैगुल नदी पर बनाए गए अवरोध का जायजा लेते एसडीएम तुषार सैनी।- फोटो : SITARGANJ
सितारगंज में बैगुल नदी पर हृयूम पाइप डालकर बनाई गई सड़क।
सितारगंज में बैगुल नदी पर हृयूम पाइप डालकर बनाई गई सड़क।- फोटो : SITARGANJ

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