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10 लाख के लिए पति को मार डाला

अमर उजाला ब्यूरो  Updated Fri, 17 May 2019 11:56 PM IST
सितारगंज कोतवाली में हत्यारोपी के साथ पुलिस टीम।
सितारगंज कोतवाली में हत्यारोपी के साथ पुलिस टीम। - फोटो : अमर उजाला
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सिडकुल की एक निजी कंपनी के गार्ड की तीन दिन पहले हुई हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और पारिवारिक मित्र को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक पत्नी ने बीमे की 10 लाख की रकम के लालच में पारिवारिक मित्र के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। हत्या से पहले उसे खूब शराब पिलाई और बैगुल डैम रोड पर ले जाकर नुकीले पत्थर से उसकी जान ले ली। न्यायिक हिरासत में दोनों को जेल भेज दिया गया।
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बीती 15 मई की सुबह करीब सात बजे सिडकुल के एक निजी कंपनी में नाइट ड्यूटी करने गए वार्ड संख्या 10 निवासी रतन सिंह (42) पुत्र वीर सिंह का शव चौमेलाफार्म के पास नकुलिया रोड पर पड़ा मिला था। मृतक के भाई पंडरी गांव निवासी गुरदीप सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बहेड़ी के व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच भी शुरू कर दी थी। जांच में एसओजी भी जुटी थी। शुक्रवार को एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक रतन नशे का आदी था और इसकी वजह से आए दिन दोनों में विवाद भी होता था। जांच के दौरान सामने आया कि बरहोनी थाना बहेड़ी जिला बरेली यूपी निवासी कुलविंदर सिंह का मृतक के घर आना-जाना था।

पुलिस ने रतन की पत्नी और कुलविंदर का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया और उनकी कॉल डिटेल निकाली तो मामला धीरे-धीरे साफ हो गया। बीते बृहस्पतिवार को मुखबिर की सूचना पर कुलविंदर को नकटपुरा चौराहा से गिरफ्तार कर लिया। निशानदेही पर पुलिस को हत्या में प्रयुक्त जीप (यूपी 25 आर 0954), हत्यारोपी के जले कपड़ों के अवशेष, दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए गए।

पूछताछ में कुलविंदर ने जुर्म भी कबूल कर लिया। उसने बताया कि रतन उसके घर आने-जाने पर एतराज करता था। रतन की दो बीमा पॉलिसी (पांच-पांच लाख की) थी, जिनमें गुरमीत नॉमिनी थी। बीमा की रकम के लालच में उसने गुरमीत के साथ रतन की हत्या की साजिश रची और हत्या के बाद शव सड़क किनारे फेंक दिया। वारदात के खुलासे में प्रशिक्षु सीओ अनुज कुमार, कोतवाल संजय कुमार, एसओ जसविंदर सिंह, एसआई शंकर सिंह रावत, कांस्टेबल मतलूब खान, नरेंद्र यादव के अलावा एसओजी के प्रभारी तुषार बोरा, प्रकाश भगत आदि थे।

...और डैम पर ले जाकर नुकीले पत्थर से कर दी हत्या
सितारगंज। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि 14 मई की रात को कुलविंदर रतन सिंह को अपनी जीप में सिडकुल ले गया। वहां उसने रतन को शराब पिलाकर बेसुध कर दिया और जीप से शक्तिफार्म तिलियापुर में बैगुल डैम के बंदे पर घुमाता रहा। पूरी तरह बेसुध होने पर कुलविंदर ने रतन सिंह के सिर पर नुकीले पत्थर से कई प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद रतन की पत्नी को फोन किया और अपने घर जाकर खून से सने कपड़े जलाए और जीप को धोकर घर के भीतर खड़ा कर दिया। वारदात के खुलासे में नकुलिया चौराहा पर पुलिस और वन विभाग के बैरियर पर लगा सीसीटीवी कैमरा और दोनों की कॉल डिटेल अहम कड़ी साबित हुई।
एसएसपी के मुताबिक रतन की हत्या के बाद कुलविंदर अंधेरा होने पर शव को जीप में डालकर नकुलिया रोड स्थित चौमेला बाग के पास फेंक गया। हत्यारोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जले हुए कपड़ों के अवशेष बरामद किए हैं। हालांकि डैम में ज्यादा पानी होने की वजह से जिस पत्थर से रतन की हत्या की गई थी, वह बरामद नहीं हो सका है। एसएसपी ने बताया कि हत्या के प्रयुक्त जीप का एफएसएल के विशेषज्ञ भी मुआयना करेंगे। एसएसपनी ने बताया कि वन विभाग के कैमरे में 14 मई की शाम 5:07 बजे मृतक रतन सिंह हत्यारोपी कुलविंदर सिंह की जीप में बैठते हुए दिखाई दे रहा है। रात करीब 11 बजे जीप वापस नकुलिया चौराहे पर पुलिस के सीसीटीवी में चौमेलाफार्म की ओर जाती दिखाई दी और रात 11:15 बजे वापस भी आई। मृतक अपने घर से चला तो उसकी पत्नी ने कुलविंदर को फोन किया था। रात करीब 11:30 बजे भी दोनों की फोन पर बात हुई। उसके बाद 14 मई की तड़के 3:30 बजे भी दोनों में बात हुई।

शादी से पहले से एक-दूसरे को जानते हैं हत्यारोपी
सितारगंज। शादी के पहले से हत्यारोपी कुलविंदर और मृतक की पत्नी गुरमीत कौर एक-दूसरे को जानते हैं। वर्ष 1996 में रतन सिंह की शादी गुरमीत कौर से हुई थी। उस वक्त गुरमीत अमखड़िया थाना बहेड़ी जिला बरेली में रहती थी और रतन का परिवार पंडरीखेड़ा गांव में रहता था। हत्यारोपी कुलविंदर भी अमखडिुया के बराबर में स्थित बरहोनी गांव में रहता है। करीब छह साल पहले रतन सिंह अपने परिवार से अलग होकर नगर के वार्ड संख्या 10 में रहने लगा। कुलविंदर और गुरमीत के बीच दोस्ती और रतन की बीमा पॉलिसी के लालच में गुरमीत ने अपने पति की हत्या करा दी। 

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