एमएसपी न मिलने से नाराज किसानों ने बंद करा दी खुली बोली

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Fri, 23 Oct 2020 12:48 AM IST
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सितारगंज में एसडीएम दफ्तर पर धरना देते किसान।
सितारगंज में एसडीएम दफ्तर पर धरना देते किसान। - फोटो : SITARGANJ

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रुद्रपुर। सरकारी दावों के बावजूद न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने से नाराज किसानों ने बृहस्पतिवार को रुद्रपुर गल्ला मंडी में बीच में ही धान की खुली बोली बंद करा दी। किसानों ने कहा कि किसान आंदोलन और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी के बावजूद धान औने-पौने दाम पर बिक रहा है, तो फिर खुली बोली का क्या औचित्य। किसानों के इस निर्णय के बाद मंडी समिति ने भी अपने बचाव में एक रजिस्टर तैयार कर धान की बोली न लगवाने वाले किसानों के हस्ताक्षर करवाए।
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बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे से कच्चा आढ़तियों की मौजूदगी में धान की खुली बोली शुरू हुई लेकिन किसी भी किसान का धान 1450 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक में नहीं बिका। वहीं, सरकार की ओर से धान की एमएसपी 1868 रुपये और 1888 रुपये प्रति क्विंटल घोषित की गई है। धान को औने-पौने दामों पर बिकता देख किसानों का धैर्य जवाब दे गया। किसानों ने करीब 24 ट्रॉलियां धान बेचने के बाद खुली बोली बंद करने का एलान कर दिया। मंडी कर्मचारियों ने धान की खुली बोली नहीं करवाने वाले किसानों के एक रजिस्टर में हस्ताक्षर करवाए।
रुद्रपुर गल्ला मंडी में दिनभर में करीब 21-22 हजार क्विंटल धान की बिक्री हुई। राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष देवीशंकर अग्रवाल ने कहा कि किसानों की सहमति पर ही धान की बोली नहीं लगवाई गई। इधर, तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर विर्क ने कहा कि किसानों ने हताशा और भावुकता में खुली बोली बंद करने का निर्णय लिया। दरअसल, किसान लचर सरकारी व्यवस्था से इतना आहत हो गया है कि उसमें अब धान की एमएसपी मिलने की उम्मीद हीं नहीं रह गई है। विर्क ने कहा कि मुख्यमंत्री के रुद्रपुर आगमन पर किसान उनके समक्ष अपनी समस्याएं रखेंगे।
धान की सरकारी खरीद में सहकारिता विभाग सबसे आगे
रुद्रपुर। जिला सहायक निबंधक हरीश खंडूरी ने बताया कि जिले में सरकारी धान खरीद की गति भी तेजी से बढ़ रही है। अब तक सरकारी क्रय केंद्रों पर नौ लाख, 51 हजार, 647 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। धान खरीदने में सहकारी विभाग के क्रय केंद्र सबसे आगे हैं। सहकारी समितियों के 110 क्रय केंद्रों पर अब तक पांच लाख, 38 हजार, 583 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। यूसीएफ के क्रय केंद्रों में एक लाख, 46 हजार, 589 क्विंटल, नेफेड के क्रय केंद्रों पर एक लाख, 22 हजार, 960 क्विंटल और खाद्य विभाग के क्रय केंद्रों पर 54 हजार, 385 क्विंटल धान की खरीद हुई है।
सितारगंज में कच्चा आढ़तियों ने बंद की खरीद, किसानों ने दिया धरना
सितारगंज। मंडी में कच्चा आढ़तियों के बृहस्पतिवार को फिर से धान खरीद बंद कर देने से किसान परेशान हो गए। आक्रोशित किसानों ने राइस मिलरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए एसडीएम दफ्तर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस पर एसडीएम मुक्ता मिश्र और आरएफसी के डिप्टी आरएमओ वेदप्रकाश धूलिया ने किसानों को समझाकर धरना समाप्त कराया।
इसके बाद खरीद चालू कराने के लिए राइस मिलरों से वार्ता की। राइस मिलरों का आरोप है कि कुछ राजनीतिक लोग उन पर जबरन धान तौलने का दबाव बनाते हैं। इधर, एसडीएम मुक्ता मिश्र ने बताया कि धान खरीद की जिम्मेदारी खाद्य विभाग की है। इस वजह से किसान और आढ़ती के बीच सामंजस्य बनाकर तौल कराने के लिए आरएफसी कुमाऊं से वार्ता की गई।
जल्द ही तौल भी शुरू हो जाएगी। वहां किसान पूरन सिंह, विपिन राणा, मनोज सिंह राणा, श्याम लाल, अजय कंबोज, विकास कंबोज, लवप्रीत सिंह, नवतेज सिंह, जयपाल सिंह, जसप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, करम सिंह, शमशेर सिंह, पलविंदर सिंह आदि थे। संवाद
खटीमा में ढाई लाख क्विंटल धान की हुई खरीद
खटीमा। मंडी सचिव विनोद कुमार पलड़िया ने बताया कि अभी तक 2.50 लाख क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। इधर, 48 घंटे में सरकार के भुगतान देने की घोषणा के बाद 10 अक्तूबर से किसान भुगतान से वंचित चल रहे हैं।
उधर, धान क्रय केंद्रों के औचक निरीक्षण के दौरान तहसीलदार यूसुफ अली को किसानों ने बताया उनके सेंटरों पर बारदाने का अभाव चल रहा है। प्रतापपुर आर गांगी क्रय केंद्रों पर पाया गया कि सेंटर पर धान का उठान नहीं होने से तौल प्रभावित हो रही है। किसानों की ट्रॉलियां बारदाने के अभाव में खड़ी हैं। तहसीलदार ने निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश सेंटर प्रभारियों को दिए।
भाकियू ने उठाई कमीशन एजेंटों की खरीद लिमिट बढ़ाने की मांग
काशीपुर। भारतीय किसान यूनियन ने सरकार से एमएसपी पर धान खरीदने वाले कमीशन एजेंटों की खरीद लिमिट बढ़ाने की मांग की है। बृहस्पतिवार को मंडी परिसर में आयोजित भाकियू की बैठक में भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष (युवा) रविंद्र सिंह राणा ने कहा कि सरकार ने धान खरीदने वाले कमीशन एजेंटों की लिमिट तय की है जो बृहस्पतिवार को समाप्त हो रही है।
इसके बाद पोर्टल बंद हो जाएगा। जबकि अभी तक किसानों का धान खेतों में खड़ा है। राणा ने कहा कि उन्होंने लिमिट बढ़ाने के संबंध में एसडीएम, मंडी सचिव और एसएमआई से भी बात की है। एसएमआई मनोज मनराल ने कहा जल्द ही लिमिट बढ़ाने की अनुमति मिल जाएगी। बैठक में प्रेम सहोता, दीदार सिंह, टिका सिंह सैनी, जागीर सिंह, दर्शन देओल, बलविंदर, कल्याण सिंह, बलकार, कश्मीर सिंह आदि मौजूद रहे।
धान नहीं खरीदने पर 15 कच्चा आढ़तियों को काली सूची में डाला
रुद्रपुर। खरीफ सत्र शुरू होने के 22वें दिन तक भी धान नहीं खरीदने पर खाद्य विभाग ने जिले के 15 कच्चा आढ़तियों को काली सूची में डाल दिया है। इनमें 13 कच्चा आढ़ती सितारंगज और दो खटीमा ब्लॉक के हैं। इन्हें पांच साल के कमीशन एजेंट के कार्य के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं ललित मोहन रयाल ने बताया कि जिन कच्चा आढ़तों पर कार्रवाई की गई है, उनमें सितारगंज के किसान इंडस्ट्रीज, वीके ट्रेडर्स, श्रीजी एग्रो, हरियाणा इंडस्ट्रीज, एमबी एग्रो मिल्स, आनंद ट्रेडिंग कंपनी, संदीप इंडस्ट्रीज, रवि इंडस्ट्रीज, जीएलडी एग्री फूड्स, रामश्याम सीड्स, रामश्याम इंडस्ट्रीज, सिंधल ट्रेडर्स, बालाजी और खटीमा के बालाजी खटीमा और टीजी रोलर खटीमा को काली सूची में डाल दिया गया है। बता दें कि जिले में धान खरीद के लिए करीब 400 लोगों को कच्चा आढ़ती का लाइसेंस दिया गया है।
रुद्रपुर में टीवीएस में क्रय केंद्र पर धान तौलते पल्लेदार।
रुद्रपुर में टीवीएस में क्रय केंद्र पर धान तौलते पल्लेदार।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर गल्ला मंडी में धान की खुली बोली लगाते आढ़ती।
रुद्रपुर गल्ला मंडी में धान की खुली बोली लगाते आढ़ती।- फोटो : RUDRAPUR
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