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वाटर होल बुझाएंगे जंगली जानवरों की प्यास

Udham singh nagar Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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काशीपुर। गर्मी के दिनों में पानी के स्रोत सूखने से प्यास बुझाने के लिए बस्तियों का रुख करने वाले जंगली जानवरों पर काबू पाया जा सकेगा। अब वन विभाग ने जानवरों को आबादी का रुख करने से रोकने और जंगल में ही प्यास बुझाने के इंतजाम करने शुरू किए हैं, इसके तहत वन विभाग ने जसपुर, रामनगर, बैलपड़ाव रेंज में प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर तथा सीमेंट के पक्के वाटर होल (तालाब) बनाए हैं।
जंगल में पानी के साधन सूखने पर अमूमन हिंसक जंगली जानवर प्यास बुझाने के लिए बस्तियों का रुख करते हैं, इससे जहां मनुष्यों की जान पर बन आती है, वहीं मानव-जीव संघर्ष की संभावना भी बढ़ जाती है। पानी के अभाव में हाथी, गुलदार आदि की मौत के मामले कई बार सामने आए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके डिहाइड्रेशन से मौत होने की पुष्टि भी हुई है। डीएफओ निशांत वर्मा ने बताया जसपुर रेंज के उत्तरी फीका, दक्षिणी फीका और बैलपड़ाव रेंज में तीन-तीन, रामनगर रेंज के आमपानी तथा गुलजारपुर में एक-एक वाटर होल बनाए गए हैं, जबकि बन्नाखेड़ा रेंज में दो वाटर होल बनाए जाने हैं।
उन्होंने बताया अमूमन वाटर होलों को आसपास के प्राकृतिक स्रोत से पानी भरने के लिए जोड़ दिया जाता है, लेकिन भावर क्षेत्र में वाटर होल का पक्का फर्श बनाया जाता है, फिर इसमें टैंकरों के जरिए पानी भरने की व्यवस्था की जाती है। डीएफओ के मुताबिक इससे जंगली जानवरों के आबादी में प्रवेश करने की आशंका काफी हद तक कम हो गई है।

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