काशीपुर गन्ना समिति में दस लाख की ऋण अनियमितता

Udham singh nagar Updated Sat, 22 Dec 2012 05:31 AM IST
बाजपुर। काशीपुर गन्ना समिति में डेढ़ करोड़ के गबन के मामले के बाद अब खाद वितरण ऋण में भी अनियमितता का मामला सामने आया है। इस मामले में एक बार जांच होने के बाद दोबारा इस मामले की जांच गन्ना समिति विभाग द्वारा शुरू की गई है।
खाद वितरण ऋण की अनियमितताओं का यह मामला वर्ष 2005 का है। तत्कालीन गन्ना पर्यवेक्षक/ स्टोर प्रभारी गन्ना समिति अर्जुन सिंह द्वारा 2005-06 में पद का दुरुपयोग कर लगभग साढ़े 10 लाख रुपये का खाद ऋण ऐसे कृषकों बांटा गया, जिनकी ना तो लिमिट थी और कई ओवर ड्यूज धारक थे, इनका कोई भी रिकार्ड विभाग में नहीं है। मात्र स्टोर प्रभारी द्वारा दिए गए ऋण की इश्यू स्लिप ही समिति के पास है। इस मामले में तत्कालीन ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक द्वारा जांच करवाई गई, लेकिन जांच में अनियमितता जाहिर होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। विभागीय सूत्र बताते हैं इस मामले में किसानों से ऋण वसूली के लिए आरसी तहसील को भेजी गई थी, जिस पर तहसील ने संबंधित बकाएदारों के अता-पता नहीं होने की रिपोर्ट लगाकर समिति को लौटा दी।
सूत्रों ने बताया डेढ़ करोड़ के गबन में फंसे अशोक कुमार श्रीवास्तव समिति के तत्कालीन विशेष सचिव थे, जिन्होंने ऋण वसूली के संबंध पर स्टोर प्रभारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे इस मामले में अशोक कुमार श्रीवास्तव की भी संलिप्तता प्रतीत होती है। इधर समिति ने एक बार फिर इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

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