कभी भी भरभराकर गिर सकती हैं पुलिस चौकियां

Udham singh nagar Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
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रुद्रपुर। 1.75 लाख से अधिक लोगों की सुरक्षा का जिम्मा लिए रुद्रपुर कोतवाली और क्षेत्र की पांच चौकियां वर्तमान में जर्जर अवस्था में हैं, जो कभी भी भरभरा कर गिर सकती है। हालांकि, अब तक जितने भी पुलिस कप्तान आए सभी ने चौकियों के निर्माण की बात कही, मगर अब तक शहर की पुलिस चौकियों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। वजह, पुलिस ने खुद सरकारी भूमि पर कब्जा कर चौकियों का निर्माण किया है, नतीजतन उसे सरकार बजट नहीं दे रही है। जहां तक कोतवाली रुद्रपुर का सवाल है भवन, कार्यालय एवं बैरक की व्यवस्थाएं थोड़ी बहुत ठीक-ठाक है, लेकिन रम्पुरा, ट्रांजिट कैंप, आवास विकास, आदर्श कालोनी चौकी, बाजार चौकी का हाल खस्ताहाल है। इन चौकियों में व्यवस्थाएं ठीक न होने से यहां तैनात पुलिस कर्मी भी परेशान है। अमर उजाला की टीम ने जब सोमवार को शहर के सभी चौकियों का हाल जाना तो कई खामियां सामने आई।
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आवास विकास चौकी
-शहर के आवास विकास चौकी क्षेत्र में करीब 35 हजार की आबादी है। इस क्षेत्र में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाने के लिए आवास विकास चौकी में तीन उप निरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल एवं 10 कांस्टेबल है, इसके बाद भी चौकी का भवन दो बीट बॉक्स को जोड़कर बनाया गया है। चौकी की छत भी टीन की है। बरसातों में पानी टपकने से दस्तावेज खराब हो जाते हैं। यहां तक कि चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए पेयजल सुविधा, आराम करने के लिए बैरक एवं शौचालय तक नहीं है। ऐसे में पुलिस कर्मियों को कोतवाली की ओर रुख करना पड़ता है।

बाजार चौकी
-कोतवाली क्षेत्र में आने वाली बाजार चौकी क्षेत्र की आबादी करीब 30 हजार के करीब है। चौकी में दो उप निरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल, 10 कांस्टेबल तैनात है। चौकी में न तो शौचालय है और नहीं पेयजल सुविधा। पुलिस कर्मियों को शौच के लिए फायरब्रिगेड कार्यालय में बने शौचालय में जाना पड़ता है। बैरक तो है लेकिन उसका फर्श टूटा-फूटा एवं दीवारों में दरारें हैं, जो कभी भी गिर सकती हैं।
आदर्श कालोनी चौकी
-शहर के आदर्श कालोनी चौकी की संख्या करीब 35 हजार के करीब है। इस चौकी में दो उप निरीक्षक, 10 कांस्टेबल तैनात हैं। यहां पर शौचालय तो है लेकिन टूटा-फूटा एवं गंदगी से पटा हुआ। बैरक में छत तो है, लेकिन वह भी जगह-जगह से टूटी है। प्रकाश के लिए बिजली की व्यवस्था तो है, मगर तार जगह-जगह से खुली हुई है।
रम्पुरा चौकी
-रम्पुरा चौकी क्षेत्र की आबादी करीब 35 हजार के करीब है। इस चौकी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को तीन उप निरीक्षक, दो हेड कांस्टेबल एवं 13 कांस्टेबल तैनात हैं। चौकी का हाल यह है कि सिर छिपाने के लिए बनाए गए बैरक की छत टिनशेड है, बैरक जर्जर हालत में है और जगह-जगह से बरसात में पानी टपकता है।
ट्रांजिट कैंप चौकी
-कोतवाली क्षेत्र का सबसे बढ़ा क्षेत्र ट्रांजिट कैंप चौकी की आबादी करीब 45 हजार के करीब है। यहां पर दो उप निरीक्षक, एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल एवं करीब 13 पुलिस कर्मी तैनात है। चौकी की दीवारों में जगह-जगह से दरारें पड़ी हुई है। एक कोने में कार्यालय तो दूसरे कोने में बैरक बनी है। शौचालय एवं स्नानागार का हाल यह है कि कोई उसमें जाना भी पसंद न करे।

जिस जमीन पर पुलिस चौकियां बनी हैं, वह अभी पुलिस के नाम पर नहीं है। जब तक भूमि पुलिस के नाम नहीं हो जाती, उसमें किसी प्रकार का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। जमीन पुलिस को हस्तांतरण करवाने के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है, इसके लिए एसडीएम की रिपोर्ट भी लग चुकी है। शीघ्र ही रिपोर्ट शासन को भेजकर हस्तांतरण की कार्रवाई की जाएगी, तब जाकर चौकी भवन निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
एसएसपी नीलेश आनंद भरणे, ऊधम सिंह नगर

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