पीली शतावर की खेती में बजट का अड़ंगा

Udham singh nagar Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर की जमीन औषधीय पौध पीली शतावर की खेती के लिए मुफीद साबित हो रही है। तीन सौ रुपये प्रति किलो का अच्छा खासा दाम मिलने के कारण जिले के किसानों की रुचि भी शतावर की पौध तैयार करने को जाग रही है। मगर अफसोस विभाग इच्छुक किसानों को पौध नहीं दे पा रहा है। बजट के अभाव ने सभी इच्छुक किसानों को पौध पाने की राह में दखल डाल दी है। इस बार जिले से 65 किसानों ने विभाग से पौध मांगे थे, लेकिन विभाग केवल 34 किसानों को ही पौध उपलब्ध करा पाया। गौरतलब है कि पीली शतावर औषधीय गुणों से भरपूर पौधा है। शक्तिवर्धक होने के साथ ही दुधारू पशुओं में दूध की मात्रा बढ़ाने में यह काफी सहायक है। इसका उपयोग च्यवनप्राश सहित तमाम अन्य दवाओं को बनाने में किया जाता है। भेषज विभाग के अनुसार पिछले साल 38 किसानोें ने पौध लगाने की डिमांड की थी। जिन्हें भेषज विभाग ने ज्योलीकोट की गिरजा हर्बल नर्सरी से प्रति किसान 2750 पौध निशुल्क उपलब्ध कराए थे। लेकिन इस बार 65 किसानों ने शतावर लगाने की मांग की है। परंतु जिले में विभाग को इस बार साढ़े तीन लाख केे बजट की मांग के बावजूद दो लाख का ही बजट मिला। इससे 34 किसानों को ही पौध मिल पाए। विभाग जड़ी बूटी पर्यवेक्षक एसके बाजपेई ने बताया कि 3.50 लाख की मांग संबंधी कार्ययोजना बनाकर शासन को अप्रैल में भेजी गयी थी। लेकिन बजट अगस्त अंतिम सप्ताह तक मिल पाया, वह भी महज दो लाख। इस कारण सभी को पौध नहीं बांटे जा सके। जिला प्रभारी पीएन बरनवाल ने बताया कि चयनित किसानों को अगले वर्ष प्राथमिकता के आधार पर पौध दिए जाएंगे।

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