कन्या धन नहीं लौटाने पर तीन साल का कारावास

Udham singh nagar Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
काशीपुर। कन्या धन नहीं लौटाने के एक मामले में आरोपी पति को न्यायालय ने तीन साल का कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है, जबकि तीन अन्य लोगों को संदेह का लाभ देेते हुए दोष मुक्त कर दिया।
न्यायालय के आदेश की प्रति के अनुसार रामराज रोड थाना बाजपुर निवासी मोता सिंह पुत्र जीवन सिंह ने 18 अगस्त 2009 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराकर कहा था कि उसकी पुत्री रंजीत कौर का विवाह 20 मई 2007 को सुभाषनगर बाजपुर निवासी दिलबाग सिंह के साथ हुआ था। उस समय उसने अपनी हैसियत के अनुसार दान दहेज दिया था। विवाह के बाद उसकी पुत्री को उसका पति दिलबाग सिंह, गुलशन सिंह (ससुर), सुरजीत कौर (सास) तथा सुखविंदर सिंह (जेठ) दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि 18 अगस्त 2009 को ससुरालियों ने उसकी पुत्री की हत्या कर दी। परिवादी द्वारा विवाह के पूर्व, दौरान एवं बाद में अभियुक्तों को दी गई धनराशि और सामान को स्त्रीधन बताते हुए परिवाद दायर किया।
न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश चंद्र आर्य ने दोनों पक्षों की दलील सुनते हुए मृतका के पति दिलबाग सिंह को आईपीसी की धारा 406 में दोषी मानते हुए तीन साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई, जबकि एक हजार रुपया अर्थदंड भुगतान नहीं करने पर एक माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं ससुर, सास एवं जेठ को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

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