जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से संघर्ष समिति नाराज

Udham singh nagar Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
जसपुर। जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से नाराज आल इंडिया खटीक संघर्ष समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। साथ ही प्रमाण पत्र नहीं बनाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार को समिति के राष्ट्रीय संयोजक सुनील पाल मनोहरिया के नेतृत्व में तहसीलदार गोपी राम को दिए ज्ञापन में कहा कि शोषित उत्पीड़ित एवं दलित खटीक जाति के लोगों के जिले की तहसीलों में जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। तराई क्षेत्र मेें खटीक जाति के लोगों को धनगर, धांगर, बधिक, हिंदूचिक, हिंदूचिकवा, बकरकसाव तथा पर्वतीय क्षेत्रों में धनगर, धोगर, बूचड़ आदि नामों से पुकारा जाता है। खटीक जाति का पुश्तैनी कारोबार भेड़-बकरी का वध करना, मांस बेचना एवं खाल-चमड़े का व्यवसाय करना है। उत्तराखंड राज्य की अनुसूचित जातियों में क्रम संख्या-47 पर खटीक जाति प्रख्यापित है, लेकिन तहसील अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा खटीक जाति के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं मांग पूरी नहीं होने पर तहसील परिसर में बकरे एवं मुर्गे के मीट के फड़ लगाकर विरोध-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। ज्ञापन देने वालों में रामकिशोर, राधेश्याम, रमेश पाल, कश्मीरी पाल, दीपक कुमार, हरीश खटीक आदि थे।

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