चीनी मिल बंद करने के विरोध में फूटा गुस्सा

Udham singh nagar Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
गदरपुर। चीनी मिल बंद करने के विरोध में किसानों, मिल कर्मियों और वाहन चालकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, पुतला फूंका और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को कर्मचारी चीनी मिल परिसर में जमा हुए। उन्होंने फेडरेशन के तकनीकी सलाहकार के पुतले की शव यात्रा निकाली और मुख्यमार्ग पर तकनीकी सलाहकार के साथ ही मुख्यमंत्री का पुतला भी आग के हवाले कर दिया। यहां हुई सभा में भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने कहा कि मिल बंदी के निर्णय से व्यापारी वर्ग सहित क्षेत्र के छोटे-बड़े हजारों किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। निर्णय वापस न लेने पर विधानसभा के समक्ष अनशन को वह विवश होंगे। विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि पीपीपी मोड पर जिले की चीनी मिलों को देकर सरकार ने प्राइवेट कंपनियों से सांठ-गांठ की है। सभा को अखिल भारतीय शुगर मिल संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मानस किशोर मिश्रा, भारतीय मजदूर संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष चौ. ऋषिपाल सिंह, इंटक अध्यक्ष रोहिल चरण, श्रमिक संघ अध्यक्ष सतीश दूबे, कामगार संघ अध्यक्ष राधेश्याम, गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन राजेश गुम्बर, अतर सिंह आदि ने संबोधित किया। इसके अलावा गदरपुर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में ट्रक स्वामियाें और चालकों ने राज्य सरकार का पुतला फूंका। यहां यूनियन के कोषाध्यक्ष गुलशन मुरादिया, सभासद राकेश भुड्डी, चौ. विनेाद सिंह फ ौगाट, बृजेश बिल्लन आदि थे। इधर भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष स. गुरबाज सिंह संधू के नेतृत्व में किसानों ने तहसीलदार रिंकू नेगी को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। यहां अशोक सेठी, विनोद गुम्बर, हरभजन सिंह, स्वदेश कुमार डंग आदि थे। वहीं चीनी मिल परिसर में आयोजित बैठक में मिल कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। वक्ताओं ने काम छीनकर सरकार ने चीनी मिल कर्मियों के हाथ ही काटकर रख दिये हैं।

प्रदर्शन आज
गदरपुर। गदरपुर चीनी मिल को बंद किये जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को चीनी मिल कर्मी परिजनों सहित जुलूस निकालेंगे और धरना प्रदर्शन करेंगे। यह जानकारी अखिल भारतीय शुगर मिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मानस किशोर मिश्रा ने दी। बताया कि सरकार के इस अविवेक पूर्ण निर्णय के कारण मिल परिवार पर आर्थिक संकट के बादल छा गये हैं।


क्यों अवमुक्त किया 1.80 लाख रुपये
गदरपुर। पूर्व मुख्यमंत्री पं. नारायण दत्त तिवारी ने अपने साथी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के साथ मंगलवार 12 दिसम्बर 1986 को गदरपुर में चीनी उद्योग की नींव रखी। 1250 टन पिराई क्षमता वाली इस चीनी मिल को हजारों मेहनतकश हाथों ने खून पसीने से 2500 टन पिराई क्षमता तक पहुंचा दिया। बीते दिन मंगलवार को ही 26 वर्ष बाद इस चीनी उद्योग को बंद करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से मिल में कार्यरत करीब 650 मिल कर्मियों के 3 हजार से अधिक परिजनों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कहना था कि सरकार द्वारा माह जून में 1.80 लाख रुपये मिल की मरम्मत के लिये अवमुक्त किये गये। 65 फ ीसदी मरम्मत कार्य भी हो गया। बावजूद सरकार को न जाने क्या सूझी कि उसके द्वारा एकाएक यह निर्णय लिया गया। इधर मिल बंदी की सूचना के बाद पूरे मिल परिसर में खामोशी का सा माहौल था। केनयार्ड में बैठे मिलकर्मी एक दूसरे से बतियाते नजर आ रहे थे।

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