मछलियों को हो रहा अवैध शिकार

Udham singh nagar Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
गूलरभोज। जलाशयों पर मछली का अवैध शिकार धड़ल्ले से किया जा रहा है। अवैध शिकार रोकने को लगाई गई पीएसी भी नाकाम साबित हो रही है। अवैध शिकारी बेखौफ शिकार करने में लगे हुए हैं। तीस जून को यहां के जलाशयों पर मत्स्य आखेट का ठेका खत्म होने के बाद से लगभग एक माह तक अवैध शिकारियों ने जमकर शिकार किया। लगातार हो रहे अवैध शिकार की शिकायतों पर उप जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन ने इसे रोकने को कई बार छापेमारी भी की और शिकारियों के जाल और मछलियां भी जब्त की। बावजूद इसके बाद भी शिकार पर रोक नहीं लग सकी इस पर जिलाधिकारी ने जलाशयों में शिकार रोकने को पीएसी भेजी। इसके बाद ताबड़तोड़ शिकार पर तो रोक लगी परंतु पूर्णत: शिकार बंद नहीं हो सका है। आलम यह है कि शिकारी देर रात जलाशयों में जाल लगाकर भोर में ही मछली पकड़कर बोरों में भरकर ले जाते हैं जिसकी भनक तक पीएसी को नहीं लग पाती है। अवैध शिकारी अब तक मत्स्य विभाग को लाखों की राजस्व हानि पहुंचा चुके हैं। इस कार्य में लिप्त लोग दिनेशपुर, रुद्रपुर सहित किच्छा तक मछली की सप्लाई कर रहे हैं। साथ ही कांटा शिकारी भी मछली मारने टीम बनाकर पहुंचते हैं। यदि अवैध शिकार पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में विभाग को मिलने वाले राजस्व में भारी कमी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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