चालू नहीं हुआ सिडकुल का 132 केवीए का उपसंस्थान केंद्र

Udham singh nagar Updated Fri, 10 Aug 2012 12:00 PM IST
सितारगंज। ऊर्जा प्रदेश में भरपूर बिजली मिलने का सपना लेकर यहां पहुंचे उद्योग बिजली को तरस रहे हैं। आलम ये है कि बिजली कटौती से तो दोचार होना पड़ ही रहा है, लो-वोल्टेज की समस्या से भी उद्योगपति परेशान हैं, इससे उद्योगों के उत्पादन में गिरावट आ रही है। सिडकुल में 132 केवीए के उपसंस्थान केंद्र को सुचारु किए जाने की मांग के बावजूद 14 माह बाद भी केंद्र चालू नहीं हुआ।
9 नबंवर 2000 को राज्य निर्माण के बाद उत्तराखंड की पहचान ऊर्जा प्रदेश के रूप में की गई। वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने उद्योगों को यहां स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था। सिडकुल द्वारा इन उद्योगों को बिजली की बेहतर सुविधा देने के लिए पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (पिटकुल) को 132 केवीए का विद्युत उपसंस्थान केंद्र बनाने के लिए 14 करोड़ रुपये दिए गए। पिटकुल ने जून 2011 तक उपसंस्थान केंद्र का निर्माण तो कर दिया, लेकिन सितारगंज से सिडकुल तक पोल एवं टावर निर्माण नहीं किया गया। कारण 15 किमी की दूरी के बीच में ढाई किमी तक वन भूमि होने से वन विभाग ने अड़ंगा लगा दिया था, इससे बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। उद्योगपतियों ने सिडकुल के एमडी से लेकर तत्कालीन भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी तक से मिलकर केंद्र चालू कराने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बताया जाता है कि छह माह पूर्व वन विभाग ने वन भूमि में पोल एवं टावर लगाने की स्वीकृति दे दी पर विभाग की उदासीनता के चलते कार्य अधर में लटका हैै। अप्रैल में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उद्योगपतियों की बैठक में विद्युत अधिकारियों ने बिजली घर चालू करने की बात कही थी, लेकिन अब तक बिजली घर चालू नहीं हुआ।
वर्तमान में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड से सिडकुल तक बिजली पहुंचाई जा रही है, इससे आए दिन ब्रेकडाउन और लो-वोल्टेज होना आम बात है। रैकिट बैंकस्टर के स्टेट हैड जेपी नारायण ने बताया 132 केवीए का बिजली घर चालू न होने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से शीघ्र ही सिडकुल की बिजली कटौती बंद कराने और 132 केवीए का उपसंस्थान केंद्र चालू कराने की मांग की।

-सिडकुल में पिटकुल द्वारा बनाया गया 132 केवीए का विद्युत उपसंस्थान केंद्र वन विभाग के अड़ंगे के कारण चालू नहीं हो पाया था, लेकिन अब वन विभाग ने इजाजत दे दी है। सितारगंज से सिडकुल तक पोल और टावर लग चुके हैं। अगस्त के अंतिम सप्ताह तक केंद्र चालू हो जाएगा।
-शैलेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड सितारगंज।

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