‘चीमा तराई में अतिक्रमणकारी’

Udham singh nagar Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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रुद्रपुर। भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा के बयान ने तूल पकड़ लिया है। विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर भाजपा विधायक चीमा को बर्खास्त करने की मांग की है। उत्तराखंड सांस्कृतिक शैल परिषद ने चीमा को अतिक्रमणकारी बताया।
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चीमा के बयान से नाराज उत्तराखंड सांस्कृतिक शैल परिषद की एक बैठक में वक्ताओं ने कहा कि रोजगार की तलाश में पहाड़ों से यहां आने वालों को बोझ कहना पर्वतीय समाज का अपमान है। चीमा का बयान अशोभनीय और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि चीमा पाकिस्तान से विभाजन के बाद आए हुए लोगों में से नहीं हैं। चीमा का पंजाब में विशाल फार्म है और वे तराई में शरणार्थी नहीं बल्कि अतिक्रमणकारी हैं। उनकी संपत्ति की जांच की जानी चाहिए। इस मौके पर शैल परिषद अध्यक्ष बीएल शाह, पर्वतीय समाज अध्यक्ष बीडी भट्ट, दिवाकर पांडे, मदनमोहन बिष्ट, अवतार सिंह, रामदत्त बवाड़ी, मुकुंद भंडारी, महेंद्र सिंह रौतेला, अब्बल सिंह, प्रेम बल्लभ पाठक, विजय भट्ट, बलवीर रावत, हंस पांडे आदि मौजूद थे।
शनिवार को कांग्रेसी नेता एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरू के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने बयान के विरोध में कलक्ट्रेट परिसर में सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर फजील खान, बाबू अंसारी, तस्लीम सलमानी, जावेद मलिक, बलाई विश्वास, कालिदासी विश्वास, अरुण विश्वास, नंदन सिंह आदि मौजूद थे।
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