जिले के कई भवन और पुल नहीं झेल पाएंगे भूकंप के झटके

Udham singh nagar Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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रुद्रपुर। हाल-फिलहाल अभी तराई में भूकंप और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई, मगर पिछले कुछ वर्षों में इस तराई में महसूस किए जा रहे भूकंप के झटके के बाद आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क हो गया। लिहाजा, विभाग ने भूकंप के हल्के झटके झेलने में अक्षम भवनों को चिह्नित कर लिया है और इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक ऊधमसिंह नगर जिला भूकंप के सिस्मिक (भूकंप का एरिया) जोन चार में आता है, जो भूकंप के दो बड़े अभिकेंद्रों के मध्य स्थित है। इस क्षेत्र में विगत 200 वर्षों से कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है, इसलिए भूकंपों की गति के कारण इस क्षेत्र में पृथ्वी के अंदर जमा हो रही ऊर्जा लंबे समय से अवमुक्त नहीं हुई है, इससे क्षेत्र में भूकंप की संवेदनशीलता बढ़ जाती है। यही वजह है कि अब तराई में भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने लगे हैं। फलस्वरूप भूकंप आने के खतरे को भांप कर आपदा प्रबंधन विभाग ने सर्वे के बाद जिले में होने वाले नुकसान का आंकलन कर लिया है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
क्या है रिपोर्ट में
जसपुर तहसील में कोतवाली भवन, जगतपुर पुलिस चौकी, पतरामपुर वन एवं करनपुर वन चौकी, राजकीय अस्पताल भवन, रायपुर पीएसी एवं राइंका, जीजीआईसी, आनझा राइंका, करनपुर, भोगपुर एवं तुमरिया डाम, विकास खंड एवं नगरपालिका के कार्यालय एवं आवासीय भवन और पानीपत मार्ग पर फीका नदी का बड़ा पुल, काशीपुर तहसील, उप जिलाधिकारी परिसर के पुराने आवासीय भवन, पशु चिकित्सालय, नगरपालिका, काशीपुर थाना, मुख्य बाजार में स्थित तीन-चार मंजिला पुराने आवासीय भवन, सिंचाई विभाग का डाक बंगला, कोसी, ढेला नदी पर बना पुल, बाजपुर नगरपालिका परिषद का भवन, नगर पंचायत केलाखेड़ा, सुल्तानपुर का दफ्तर, घोघा नदी, गडरी नदी, कोसी नदी, बौर नदी, बोर जलाशय, गदरपुर में राजस्व, सिंचाई विभाग के आवासीय भवन, भखड़ा नदी का पुल, किच्छा में पुराने आवासीय भवन, प्रसार प्रशिक्षण केंद्र रुद्रपुर के पुराने भवन, पुराना पशु चिकित्सालय भवन, सतुईया सिंचाई विभाग का डाक बंगला, पुलभट्टा स्थित गोला नदी पर रेलवे, सड़क का पुल, धौरा डाम, पुराना एसडीएम कोर्ट, कर्मचारियों के आवास, पटवारी चौकी रम्पुरा, लालपुर मजार के पास पुराना पुल, नगरपालिका रुद्रपुर, किच्छा का पुराना भवन, सितारगंज के शक्तिफार्म में पुनर्वासन विभाग का आवासीय भवन, तहसील भवन, राजस्व विभाग का आवासीय भवन, सिंचाई विभाग का डाक बंगला, आवासीय भवन, चीकाघाट में कैलाश नदी, खगरा नाले पर बना पुल, खटीमा तहसील में लोहिया हैड का पावर हाउस, जगबूड़ा नदी का पुल, नानक सागर डैम का पुल, पुराना तहसील भवन, थारु इंटर कालेज का पुराना भवन भूकंप के झटके झेल पाने में असमर्थ है।

जिले में भूकंप आने के बाद सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान का खाका तैयार किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
-डा. अनिल शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, ऊधमसिंह नगर

भूकंप आने पर क्या करें?
1. घर के अंदर हैं तो गिर सकने वाली भारी वस्तुओं से दूर रहें।
2. खिड़कियों से दूर रहें, शीशे के टूटे टुकड़े क्षति पहुंचा सकते हैं।
3. मजबूत मेज के नीचे छुपे या अंदरूनी दीवार या स्तंभ के सहारे खडे़े रहें।
4. अगर घर से बाहर हैं तो खुली जगह तलाशें। भवनों, पेड़ों, बिजली के खंभों व तारों से दूर रहें।
5. अगर वाहन में हैं तो रुके और अंदर ही रहें।
6. पुल, बिजली के तारों, भवनों, खाई और तीव्र ढाल वाली चट्टानों से दूर रहें।
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