डीएम के आदेश के बावजूद नहीं मिला कब्जा

Udham singh nagar Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
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काशीपुर। ग्राम भगवंतपुर में सीलिंग की भूमि पर आठ भूमिहीनों को पट्टे जारी होने के बावजूद अब तक उन्हें कब्जा नहीं दिलाया गया है। हालांकि, जिलाधिकारी ने तहसीलदार काशीपुर को भूमि पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया था, लेकिन तहसीलदार ने पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं होने के चलते कब्जा दिलाने में असमर्थता जता दी।
सीलिंग की भूमि पर काबिज संपूरन सिंह की अपील सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दी। इसके बाद जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर ने सुप्रीम कोर्ट के 27 जुलाई 2011 के आदेश पर तहसीलदार काशीपुर गौरव चटवाल को ग्राम भगवंतपुर में आठ पट्टे धारकों को आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाने का आदेश दिया। साथ ही राजस्व अभिलेखों में पट्टेदारों का नाम संशोधित करने को कहा, लेकिन जिलाधिकारी के इस आदेश का पालन तो नहीं हुआ, अलबत्ता तहसीलदार ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा कि राजस्व निरीक्षक को पट्टेधारकों को पट्टे की भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं, परंतु राजस्व निरीक्षक ने 7 जून 2012 को आख्या देकर कहा कि पट्टेधारकों को मौके पर पट्टा दिलाने पर विवाद हो सकता है। दबंगों द्वारा शांति भंग करने की भी आशंका है। कब्जा दिलाने के लिए दो प्लाटून पीएसी, आठ दरोगा, 40 सिपाही, 10 महिला सिपाहियों की आवश्यकता है। फोर्स एसएसपी स्तर से उपलब्ध कराई जा सकती है, यह रिपोर्ट तहसीलदार ने डीएम को भेज दी। बहरहाल, काशीपुर तहसील प्रशासन को जिलाधिकारी के आदेश से अधिक दबंगों का खौफ है, जिसके चलते पट्टेधारकों को मौके पर कब्जा नहीं दिलाया गया।

पांच माह बाद भी नहीं मिला कब्जा
काशीपुर। जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर ने 1998 में ग्राम भगवंतपुर में सीलिंग से निकली भूमि पर भूमिहीन हरिप्रसाद, वेदराम, जीतराम, राजेंद्र, छोटेलाल, लाखन, रमेश तथा राजकुमार को प्रति व्यक्ति 90 डेसीमल भूमि के पट्टे दिए। सीलिंग की जिस भूमि पर पट्टे दिए वह किसी के कब्जे में थी। मामला विभिन्न अदालतों में होता हुआ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 27 जुलाई 2011 को संपूरन सिंह की अपील को निरस्त कर आठों पट्टेधारकों के पट्टे बहाल रखे और पट्टेधारकों को पट्टे की भूमि पर कब्जा देने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय आने पर कुमाऊं आयुक्त ने विपक्षी के प्रार्थना पत्र को 17 जनवरी 2012 को निरस्त कर पट्टे धारकों को कब्जा देने के आदेश दिए। पट्टेधारकों को 14 साल बाद सर्वोच्च न्यायालय से न्याय तो मिला, परंतु प्रशासन पांच माह गुजरने पर भी भूमिहीनों को भूमि नहीं दिला पाया है।

फिर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
काशीपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन द्वारा भूमिहीनों को पट्टे की भूमि पर कब्जा नहीं दिलाने से नाराज भूमिहीन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के विरुद्ध पुन: सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

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