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आश्वासन के बावजूद नहीं हुए सुरक्षा के इंतजाम

Udham singh nagar Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
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खटीमा। लोहियाहेड रोड पर निर्माणाधीन कारखाने से आबादी क्षेत्र को किसी प्रकार के नुकसान न होने के आश्वासन के बावजूद बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के एक दीवार का निर्माण शुरू किया, इससे भड़के ग्रामीण और महिलाओं ने दीवार बना रहे मजदूरों को मौके से खदेड़ दिया। साथ ही भारी संख्या में ग्रामीण कारखाने के पास एकत्रित हो गए और मांग की कि जब तक बरसाती पानी की निकासी और कारखाने के केमिकल युक्त पानी के निकास द्वार बनाने को छोड़े गए रोबे बंद नहीं किए जाते वह निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। मौके पर पहुंचे तहसीलदार एसएस ऐरड़ा, कोतवाल पीसी भट्ट को ग्रामीणों ने स्थिति की जानकारी दी। ग्रामीणों ने कारखाने के बाहर टेंट लगाकर धरना प्रारंभ कर दिया।
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अमाऊं के ग्रामीणों का आरोप था कि ईस्ट बेस्ट कारखाने के निर्माण के समय कारखाने के मालिक का कहना था कि यहां पर स्कूल खोला जाएगा, लेकिन ग्रामीणों को गुमराह कर आबादी के बीच कारखाने का निर्माण कर दिया गया। कारखाने की हैवी मोटरें लोगों के मकान से सटा कर लगा दी गई हैं। 33 केवीए का ट्रांसफार्मर कारखाने और आबादी के बीच असुरक्षित स्थान पर लगाया गया है। कारखाने के केमिकल युक्त पानी की निकासी भी एक किसान के खेत में कर दी गई है। कारखाने में कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है, जिससे बरसात के पानी की निकासी हो सके। शुक्रवार को ग्रामीणों के नाराजगी जताने पर कारखाने के जीएम अचल शर्मा ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
वहीं, शनिवार को मजदूर केमिकल युक्त पानी की निकासी बंद किए बिना दीवार खड़ी करने लगे, जिस पर ग्रामीण भड़क गए। मौके पर पहुंचे बजरंग दल नेता रंदीप पोखरिया ने कहा ग्रामीण कारखाने के निर्माण में बाधक नहीं हैं, लेकिन ग्रामीणों के हितों की अनदेखी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने मौके पर कारखाने के एमडी को बुलाने और सभी बिंदुओं के बिंदुवार हल करने को कहा, जिस पर मौके पर पहुंचे जीएम शर्मा से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से तीखी झड़पें हो गई। इस बीच कारखाने के एमडी आरसी रस्तोगी भी निर्माणाधीन स्थल पर आए, लेकिन ग्रामीणों से मिले बिना वापस चले गए, जिस पर ग्रामीण और भड़क गए, उन्होंने कहा जब तक मांगे पूरी नहीं होती कारखाने का निर्माण बंद कर दिया जाएगा।
उधर, स्थिति बिगड़ने की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ऐरड़ा, कोतवाल भट्ट ने ग्रामीणों को शांत किया एवं कारखाना प्रबंधन से कारखाने के पानी निकासी के लिए खोले गए रोबे तत्काल बंद करने और सोमवार को कारखाना लगाने से संबंधित सभी दस्तावेज लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने को कहा, जिसमें ग्रामीणों को भी बुलाया गया है तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य किशन सिंह किन्ना, ग्राम प्रधान मोहनी पोखरिया, बाबी राठौर, गोपाल बोरा, साकेत सिंह, सुरेश कुश्वाहा, प्रेम प्रकाश शर्मा, जनार्दन कोठारी, दीवान सिंह, त्रिलोक सिंह, मोहन सिंह, भगत सिंह पोखरिया, सुरेश कश्यप आदि थे।
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