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यूपीएमटी की टॉप रश्मि ने नहीं ली कोचिंग

Udham singh nagar Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
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पंतनगर। उत्तराखंड प्री-मेडिकल टेस्ट-2012 में पहली रैंक हासिल करने वाली छात्रा रश्मि डंडरियाल पिछले 16 साल से दिल्ली में अपने माता-पिता के साथ रह रही हैं। उसने 200 में से 179 अंक प्राप्त किए हैं।
मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के मौलेखाल ब्लाक के ग्राम घटबगर निवासी रश्मि के पिता पीतांबरदत्त दिल्ली के लाजपत नगर में एक प्राइवेट फर्म में नौकरी करते हैं। वह रोजगार और बच्चों की पढ़ाई की खातिर कुमाऊं को छोड़कर 15 साल पहले दिल्ली में बस गए थे। पीतांबरदत्त वर्तमान में मकान नं. 97, गली नं.7, एफ ब्लाक, तोमर कालोनी, संतनगर बुरोड़ी पुरानी दिल्ली में रहते हैं। रश्मि की मां विजया कांता गृहणी हैं। उनका भाई कृष्णा 11वीं का छात्र है। रश्मि की इंद्रप्रस्थ विवि दिल्ली में 160वीं रैंक है। वह इंद्रप्रस्थ से ही एमबीबीएस करना चाहती है। रश्मि ने अमर उजाला को बताया कि वित्तीय कठिनाइयों के कारण उसने कोई कोचिंग नहीं की। सेल्फ स्टडी के बल पर ही उसे सफलता मिली है।

कनिष्का हल्द्वानी से एमबीबीएस करना चाहती है
पंतनगर। यूपीएमटी-2012 में देहरादून निवासी कनिष्का बहुगुणा को दूसरी रैंक मिली है। कनिष्का के पिता महादेव प्रसाद बहुगुणा निर्माण निगम श्रीनगर में इंजीनियर और मां संगीता बहुगुणा प्राथमिक पाठशाला सिधौली में शिक्षिका हैं। भाई कुनाल बहुगुणा 12वीं का छात्र है। वह परिवार के साथ महादेव निवास, एकता एंकलेव, स्ट्रीट नं. 05, रिंग रोड ज्वाला नगर में रहती है। उसने 200 में से 173 अंक प्राप्त किए हैं। कनिष्का की सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी से एमबीबीएस करना चाहती है। सेंट जॉसफ एकेडमी देहरादून से 2011 में इंटर कर चुकी कनिष्का ने एक साल ड्राप कर आकाश इंस्टीट्यूट कोचिंग की है।

अपूर्व सेना में डाक्टर बनना चाहता है
पंतनगर। यूपीएमटी-2012 में वाराणसी के अपूर्व प्रताप मल्ल ने तीसरी रैंक हासिल की है। उसने 200 में से 172 अंक प्राप्त किए हैं। अपूर्व ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं नैनीताल स्थित पार्वती प्रेमा जगादि सरस्वती विहार से उत्तीर्ण की हैं। पिता योगेश कुमार मल्ल रेलवे में पर्सनल इंस्पेक्टर हैं और स्टेडियम कालोनी, वाराणसी में रहते हैं। भाई प्रभव प्रताप मल्ल हाईस्कूल का छात्र है और मां मंजू मल्ल गृहणी हैं। अपूर्व की कलिंगा मेडिकल कालेज उड़ीसा में तीन, सीपीएमटी में 33, एआईपीएमटी में 270 रैंक है। उसने वृहस्पतिवार को ही पुणे में एएफएमसी की परीक्षा दी है। वह सेना की मेडिकल विंग एएफएमसी में जाने का इच्छुक है।

न्यूरो सर्जन बनना चाहती है प्रज्ञा
पंतनगर। यूपीएमटी-2012 में चौथी रैंक हासिल करने वाली देहरादून की प्रज्ञा करगेती ने 200 में से 171 अंक प्राप्त किए हैं। पिता रमेश चंद्र करगेती डीआरडीओ में वैज्ञानिक और मां रंजू करगेती चिकित्सक हैं। भाई नीतिश सातवीं का छात्र है। प्रज्ञा ने केवी ओल्फ देहरादून से इंटरमीडिएट परीक्षा 93.4 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। उसकी महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज वरधा में सात, वर्धमान महावीर मेडिकल कालेज दिल्ली में 222 और एआईपीएमटी में 1499 रैंक है। वह दिल्ली में एडमिशन लेकर न्यूरो सर्जन बनना चाहती है। उसने आकाश इंस्टीट्यूट से कोचिंग की। वह अपनी सफला का श्रेय आफताब सर को देती है।


निशा को मिली पांचवीं रैंक
पंतनगर। पौड़ी गढ़वाल के पतगांव देवलाड निवासी निशा गुसाईं ने यूपीएमटी-2012 में 200 में से 168 अंक हासिल कर प्रदेश में पांचवीं रैंक प्राप्त की है। वह वर्तमान में मुंबई के कोलाबा में परिजनों के साथ रहती है। उसके पिता मुंबई में भारतीय सेना में कार्यरत हैं। मां कलावती गुसाईं गृहणी है। भाई अंकित गुसाईं ने इसी साल इंटरमीडिएट किया है। 2011 में मुंबई से इंटरमीडिएट कर चुकी निशा ने एक साल ड्राप कर आकाश से कोचिंग की। उसकी एआईपीएमटी में 2076 और एनएचपीसीईटी में 2800 रैंक है।

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