‘लोभ के निठुर दबाओं से, कसमें खाकर यार टूटते देखें हैं’

Udham singh nagar Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
खटीमा। साहित्य शारदा मंच की ओर से धनबाद से आए साहित्यकार रविकर फैजाबादी के सम्मान में गोष्ठी का आयोजन किया गया। फैजाबादी को मंच के सर्वोच्च सम्मान साहित्यश्री से अलंकृत किया गया। ब्लागिस्तान में फैजाबादी की सक्रियता को देखते हुए उन्हें ब्लागश्री सम्मान से भी सम्मानित गया। इस दौरान शायरों एवं कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
विज्ञापन

मंच के कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में खटीमा के अध्यक्ष डा. रूपचंद्र शास्त्री मयंक ने अपनी चार कृतियां फैजाबादी को भेंट की। इस दौरान रूमानी शायर गुरुसहाय भटनागर ने ‘प्यार में मिलके रह लें गांव शहर में, देश में हमको ऐसा अमन चाहिए’ गजल प्रस्तुत की। थारु राजकीय इंटर कालेज में हिंदी प्रवक्ता डा. गंगाधर राय ने ‘हे राम अब आओ पथ दिखलाओ, राक्षसी वृत्तियां बढ़ रही हैं, मर्यादाएं टूट रही हैं’ का सशक्त रचना पाठ किया। गोष्ठी के संचालक देवदत्त प्रसून ने ‘आपस के व्यवहार टूटते देखे हैं, नाते रिश्तेदार टूटते देखे हैं’ हां पैसों के लोभ के निठुर दबाओं से, कसमें खाकर यार टूटते देखें हैं’ का काव्य पाठ किया।
हेमवती नंदन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डा. सिद्धेश्वर सिंह ने गंगा दशहरा पर ‘लाया तरबूज, स्कूटर पर सवार होकर, घर आई मिठास बेरंग, बदरंग समय में आंखों को भाया, हास्य व्यंग के सशक्त हस्ताक्षर गेंदालाल शर्मा ‘निर्जन’ ने भी काव्य पाठ किया। मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र गुप्ता ‘रविकर’ ने ‘तिलचट्टों ने तेलकुओं पर, अपनी कुत्सित नजर गड़ाई। रक्तकोष की पहरेदारी, नरपिशाच के जिम्मे आई’ से समा बांध दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us