तीन माह बाद भी नहीं खुली भिलंगना की सड़कें

Tehri Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
घनसाली (टिहरी)। आपदा से क्षतिग्रस्त हुई भिलंगना प्रखंड की कई सड़कें तीन तहीने बाद भी बडे़ वाहनों के लिए नहीं खुल पाई है। जिससे लोगों को पैदल ही दूरी नापनी पड़ रही है। मार्ग बंद होने से जरूरी वस्तुएं नहीं पहुंच पा रही है। जिससे जनता में लोनिवि एवं शासन के खिलाफ आक्रोश है।
बादल फटने एवं भूस्खलन से अगस्त में भिलंगना प्रखंड की कई सड़कें अवरुद्ध हो गई थी। दर्जनों गांवों की जीवन रेखा कही जाने वाली कोटी-अखोडी मोटर मार्ग मैगाधार के समीप क्षतिग्रस्त हो गया था। जैसे- तैसे छोटे वाहनों के लिए पिछले दिनों ही लोनिवि ने यह मार्ग खोल दिया है। मगर बडे़ वाहनों का आवागमन नहीं हो पा रहा है। सीताकोट-भट्टगांव,घुत्तु-कंडारगांव,घुत्तु-रीह,हैडी-नौलबासर,थातीकोट-घंडियालसौड़ मोटर मार्ग दैवीय आपदा के कारण अगस्त से ही बंद हैं। सबसे अधिक समस्या बीमार लोगों के साथ उनके परिजनों को उठानी पड रही है। जिन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में दिक्कतें हो रही हैं। जिला पंचायत सदस्य डा. नरेंद्र डंगवाल, राम देई, सुमन नैथानी, देवेश्वर प्रसाद, धर्मानंद, राजेश और विकास बडोनी का कहना है कि लोनिवि से कई बार सड़क मार्ग खोलने का अनुरोध किया जा चुका है। विभागीय अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।


दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त हुए कुछ मार्गों को बजट के अभाव में अब तक नहीं खोला जा सका है। दैवीय आपदा मद में धन मिलने पर ही मार्गों को बडे़ वाहनों के आवागमन के लिए पूरी तरह से चाक-चौबंद किया जाएगा। -आरएस रावत ईई लोनिवि घनसाली।

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