फोटो-20आरपीजी01

Rudraprayag Updated Tue, 21 Jan 2014 05:48 AM IST
ऊखीमठ। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ समिति के सीजनल कर्मचारियों ने केदारनाथ अधिष्ठान में स्थायी नियुक्ति में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही कर्मियों ने ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में स्थित समिति के कार्यालय में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत सीजनल कर्मचारी ऊखीमठ बस स्टेंड में एकत्र हुए। जहां से वे जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए मंदिर समिति के ऑफिस पहुंचे। यहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि मंदिर समिति एक्ट 1939 के अनुसार खाली पदों/व्यवस्था के तहत पदों पर सीजनल कर्मचारियों को योग्यता/वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नत किया जाएगा। लेकिन समिति के केदारनाथ अधिष्ठान में वर्षों से भाई-भतीजावाद चल रहा है। इसके चलते सीजनल कर्मचारियों की वरिष्ठता को दरकिनार कर रिश्तेदारों व चहेतों को स्थित वेतन में नियुक्ति/पदोन्नत किया जा रहा है। इधर, समिति के सीईओ (मुख्य कार्याधिकारी) बीडी सिंह ने मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है, जिसमें आयुर्वेदिक फार्मेसी कालेज विद्यापीठ के प्रधानाचार्य डा. हर्षवर्धन बेंजवाल को जांच अधिकारी बनाया गया है। वहीं जांच अधिकारी से वार्ता के बाद कर्मियों ने भूख हड़ताल स्थगित करते हुए क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच पूरी होने तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों में बलवीर नेगी, योगेश शुक्ला, मदन सिंह धर्म्वाण, बीरेश्वर भट्ट, हेमंत धर्म्वाण, आशा देवी, प्रेम सिंह रावत, संजय तिवारी, आशाराम नौटियाल आदि शामिल थे।

Spotlight

Most Read

Jharkhand

चारा घोटाला: चाईबासा कोषागार मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, तीसरे केस में लालू दोषी करार

रांची स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के तीसरे मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है। साथ ही पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी दोषी ठहराया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

केदारनाथ में दो वर्ष बाद फिर दिखा ये विलुप्त जानवर

केदारनाथ धाम में सरस्वती घाट क्षेत्र में हिमालयन फाक्स दिखाई दी। यहां लगे क्लोज सर्किट कैमरे में 43 सेकंड तक कैद हुआ यह दुर्लभ वन्य जीव बर्फ में अठखेलियां करता हुआ दिख रहा है। आपदा के बाद यह जीव यहां दूसरी बार नजर आया है।

4 जनवरी 2018