वैष्णो, खज्जियार से लौटी अध्ययन टीम

Rudraprayag Updated Sat, 10 Nov 2012 12:00 PM IST
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग यात्रियों के लिए सुविधाजनक और गंदगी रहित बन सके। इसके लिए वैष्णो देवी और पर्यटन स्थल खज्जियार गई अध्ययन टीम लौट आई है। भ्रमण में मिले अनुभव और स्थानीय व्यवस्था के आधार पर टीम की नोडल एजेंसी जिला पंचायत ने 30 नवंबर तक नैनीताल हाईकोर्ट को रिपोर्ट देनी है।
नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा गत जून माह में जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत समेत अन्य एजेंसियों को केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग पर सफाई करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने 30 नवंबर तक सफाई के लिए विशेष प्लान प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। इसके तहत जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए), इंजीनियर व एक सदस्य, नगर पंचायत केदारनाथ के ईओ और स्वास्थ्य निरीक्षक की पांच सदस्यीय टीम नवंबर माह के शुरू में वैष्णो देवी और खज्जियार गए। भ्रमण कर वापस लौटे नगर पंचायत के ईओ बद्री भट्ट ने बताया कि वैष्णो देवी पैदल मार्ग पर व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं। स्टडी रिपोर्ट के आधार पर केदारनाथ की परिस्थितियों के मुताबिक प्लान बनाया जाएगा।


क्या अंतर है केदारनाथ और वैष्णो देवी यात्रा में
1.केदारनाथ यात्रा में जिला पंचायत, नगर पंचायत, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, खाद्य एवं पूर्ति विभाग और जिला प्रशासन अलग-अलग जुडे़ हुए हैं। जबकि वैष्णो देवी यात्रा को श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड देखता है। एक ऑथोरिटी होने के कारण व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त हैं।
2.गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल 14 किमी मार्ग पर सफाई व्यवस्था के लिए कागजों में 250 तक सफाई मजदूर तैनात रहते हैं, जबकि कटरा से वैष्णो देवी पैदल 12 किमी मार्ग पर सफाई के लिए 600 सफाई मजदूर तैनात हैं। जो तीन शिफ्टों में काम करते हैं।
3.वैष्णो देवी पैदल मार्ग पर प्रत्येक 50 मीटर पर फिक्स-हैगिंग कूड़ादान लगे हैं। वहीं केदारनाथ पैदल मार्ग पर कूडे़दानों के स्थान नियत नहीं है।
4.कटरा के नजदीक घोड़े-खच्चरों की लीद के निस्तारण के लिए बायो गैस प्लांट लगाया गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर लीद निस्तारण की व्यवस्था नहीं है।
5.वैष्णो देवी में घोड़ा पड़ाव बेहतर सुविधा युक्त हैं, जबकि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा पड़ाव के नाम पर टिनशेड खडे़ हैं। घोड़े-खच्चर घोड़ा पड़ाव के बजाय रास्ते में खडे़ रहते हैं।
6.वैष्णो देवी पैदल मार्ग टाइल्स युक्त हैं, जबकि केदारनाथ पैदल मार्ग सीसी है।

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