चार वर्गों में विभाजित हो सुगम-दुर्गम क्षेत्र

Rudraprayag Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
रुद्रप्रयाग। शिक्षकाें के स्थानांतरण को लेकर मचे बवाल को समाप्त करने के लिए राजकीय शिक्षक संघ ने विद्यालयाें के सुगम-दुर्गम श्रेणी को चार वर्गों में विभाजित करने का सुझाव दिया है। संघ का मानना है कि राज्य में भौगोलिक परिस्थितियाें के अनुसार तबादले के लिए नियम नहीं बनाए गए हैं, जिससे परेशानी हो रही है। इस संबंध में संघ के जिला मंत्री ने प्रदेश महामंत्री एसएस चौहान से वार्ता कर प्रदेश संगठन स्तर से इस पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।
राजकीय शिक्षक संघ के जिला मंत्री आनंद सिंह जगवाण ने बताया कि राज्य में सुगम-दुर्गम को जब तक ए, बी, सी और डी वर्गों में विभाजित नहीं किया जाता है, तब तक सुगम-दुर्गम को लेकर चल रहा विवाद समाप्त नहीं होगा। जगवाण ने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियाें के अनुसार ही सुगम -दुर्गम को विभाजित किया जाना चाहिए। उन्हाेंने प्रदेश महामंत्री को बताया कि समय पर वार्षिक गोपनीय आख्या उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रधानाध्यापकाें और प्रधानाचार्यों की डीपीसी में रुकावट आ रही है, जिस पर उन्होंने जिले के शिक्षकाें और स्थानांतरण को लेकर संघ के सुझाव के संबंध में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी को अवगत कराया। इस पर शिक्षा मंत्री ने शिक्षा सचिव को उक्त प्रकरणाें और सुझाव को प्राथमिकता देते हुए 30 अक्तूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

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