स्कूलों में पेयजल कनेक्शन तो है पानी नहीं

Rudraprayag Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
रुद्रप्रयाग। सरकारी आंकड़ों में भले ही जिले के समस्त सरकारी विद्यालयों मेें पेयजल कनेक्शन लगे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि यहां कनेक्शन होने के बाद भी स्कूली बच्चे पानी को तरस रहे हैं। जिले 118 विद्यालयों में एक-डेढ़ साल से पेयजल आपूर्ति ठप है। स्कूलों में मध्याह्न भोजन पकाने के लिए भोजनमाताओं को एक-दो किमी दूर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। बच्चे भी घर से ही पानी की बोतल लाते हैं।
जिले के 569 प्राथमिक, 137 जूनियर हाईस्कूल और 89 माध्यमिक विद्यालयों मेें (कुल 795 विद्यालय) शिक्षा विभाग के अनुसार पेयजल सुविधा उपलब्ध है, लेकिन सच्चाई यह है कि 795 विद्यालयों में से 677 विद्यालयों में ही पानी पहुंच रहा है। 118 विद्यालयों में पानी ही नहीं आ रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य विद्यालयों में आंशिक पेयजल आपूर्ति ही हो रही है। कई पेयजल योजनाएं बरसात और गर्मियों में जवाब दे देती हैं। विद्यालयोें में सबसे अधिक दिक्कत शौचालयों की सफाई की है।

इंसेट
दुरुस्त हो पाएंगी व्यवस्थाएं!
जनवरी 2012 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सरकार को सितंबर माह तक समस्त सरकारी विद्यालयों में पेयजल, शौचालय और बिजली कनेक्शन समेत कई सुविधाएं उपलब्ध करानी थी। मगर स्कूलों में व्यवस्था न होने पर कोर्ट ने तीन अक्तूबर को छह माह का अतिरिक्त समय दिया है, लेकिन निश्चित समय में ये व्यवस्थाएं दुरुस्त हो पाएंगे या नहीं यह तो समय ही बताएगा।

मरम्मत को कहा
118 विद्यालयों में पेयजल आपूर्ति विगत वर्ष की आपदा और इस साल सूखा पड़ने के कारण बाधित है। इन विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पेयजल आपूर्ति की जा रही है। समितियों को विद्यालय विकास/लघु मरम्मत मद में प्रतिवर्ष मिलने वाले बजट से पेयजल लाइन की मरम्मत करने के लिए कहा गया है। - नरेंद्र चौहान, जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान।

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