चेक काटा फिर कैंसल कर दिया

Rudraprayag Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
रुद्रप्रयाग। ग्राम पंचायत इशाला में मनरेगा के कार्यों में हुई गड़बड़ी के मामले में रोज नए तथ्य उजागर हुए हैं। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने बिना तिथि का 1.20 लाख रुपये का चेक काट कर धनराशि निकालने की तैयारी कर ली थी, लेकिन उन्होंने चेक अचानक कैंसल कर दिया। माना जा रहा है कि भेद खुलने पर चेक को बैंक में जमा करने से रोक दिया गया।
अगस्त्यमुनि की ग्राम पंचायत इशाला में मनरेगा के तहत वर्ष 2011-12 में तीन लाख रुपये की लागत की दो सिंचाई गूल और एक पेयजल टैंक के निर्माण के लिए दो लाख रु. अवमुक्त किए गए, लेकिन आज तक गांव में यह कार्य नहीं हुआ। जबकि मस्टररोल में कार्य होना भी दर्शाया गया, जबकि वास्तव में कार्य हुआ ही नहीं। यदि कार्य हुआ होता, तो मजदूरों को भुगतान भी हो चुका होता। ग्राम पंचायत द्वारा मजदूरी भुगतान के लिए सहकारी बैंक गौचर शाखा का चेक सचिव मिनी बैंक कांडई के लिए काटा गया, लेकिन अचानक इसे कैंसल कर दिया गया। यहीं से गड़बड़ी की बू आने लगी। क्योंकि यदि चेक में कोई कमी होती, तो उससे अगला चेक काटा जाता, लेकिन अभी तक इसके बाद कोई चेक नहीं काटा गया है। वहीं मनरेगा सेल के अनुसार दस्तावेजों की जांच चल रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होे पाएगा कि इसमें कोई वित्तीय अनियमितता हुई है या नहीं।

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