दूषित पानी पीने से डायरिया का प्रकोप बढ़ा

Rudraprayag Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। यहां सीएचसी अगस्त्यमुनि में एक सप्ताह से रोजाना 15-20 मरीज डायरिया के उपचार के लिए आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, डायरिया के लिए 90 फीसदी दूषित पानी जिम्मेदार है।
अगस्त्यमुनि के विजयनगर और बगर सहित ग्रामीण इलाकों में लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र नेगी ने बताया कि पेयजल योजनाओं से गंदा पानी सप्लाई करने पर यह नौबत आई है। पानी में गंदगी के साथ कीडे़-मकोड़े आ रहे है। सीएचसी की डाक्टर नीतू तोमर ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी केस भी डायरिया के आ रहे हैं। उनकी स्थिति देख उन्हें एडमिट करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लोग सीधे गदेरे या स्रोतों का पानी बिना फिल्टर के पी रहे हैं। सब्जियों को ठीक से साफ न करने और बासी भोजन के सेवन से भी डायरिया फैलता है। इन दिनों पेयजल टैंकों की नियमित सफाई जरूरी है।

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