गौ-गंगा और हिमालय के लिए कांवड़ यात्रा शुरू

Rudraprayag Updated Sun, 12 Aug 2012 12:00 PM IST
अगस्त्यमुनि। हर वर्ष की तरह मंदाकिनी घाटी में गौ-गंगा और हिमालय के संरक्षण के लिए श्री नागेश्वरी गंगा कांवड़ यात्रा शनिवार से शुरू हो गई। तीन दिवसीय यात्रा में त्रिवेणी प्रयाग से जल लेकर कांवड़ यात्रा सोमवार को वापस जलेश्वर महादेव मंदिर जलई पहुंचेगी और महादेव का त्रिवेणी के जल से अभिषेक किया जाएगा। कांवड़ यात्रा में दो सौ से अधिक स्थानीय श्रद्धालु शामिल हैं।
महंत हरीहरानंद गिरि की अगुवाई में सात साल से कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। कांवड़ यात्रा नागेश्वर महादेव मंदिर जलई सुरसाल से शुरू होती है। शनिवार को शुभ मुहूर्त पर भगवान भैरवनाथ के परवा (निशान), कंडारा की राजराजेश्वरी की रूप छड़ी व भगवान नागेश्वर के निशान के साथ कांवड़ यात्रा चंद्रेश्वर महादेव मंदिर चंद्रापुरी पहुंची। जहां पर पूजा-अर्चना के बाद यात्रा त्रिवेणी प्रयाग को रवाना हुई।
महंत हरीहरानंद गिरि ने बताया कि शनिवार को रात्रि जागरण के बाद यात्रा रविवार को त्रिवेणी से जल लेकर चंद्रेश्वर महादेव मंदिर होते हुए अमरनाथ मंदिर गबनी गांव पहुंचेगी। सोमवार को निर्मल जल से नागेश्वर गंगा के उद्गम स्थल नागेश्वर मंदिर जलई में नागेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। कांवड़ यात्रा आयोजन में व्यापार संघ चंद्रापुरी व स्थानीय भक्ताें द्वारा सहयोग किया जा रहा है।

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