डोली भूमि गिरत दसकंधर, छुभित सिंधू सरि दिग्गज भूधर

Dehradun Bureauदेहरादून ब्यूरो Updated Sun, 25 Oct 2020 11:45 PM IST
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रुड़की। नेहरू स्टेडियम में भगवान राम ने एक बाण से रावण की नाभि के अमृत कुंड को सोख लिया। इसके बाद एक साथ 30 बाणों के कोप से उसके सिरों और भुजाओं पर प्रहार किया। जैसे ही रावण का धड़ पृथ्वी पर गिरा तो पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। इसके बाद रावण के पुतले के साथ कोरोना महामारी को जड़ से खत्म करने की कामना करते हुए कोरोना के पुतले को भी आग के हवाले कर दिया गया। नेहरू स्टेडियम में गाइडलाइन के मुताबिक, समिति के लोग ही मौजूद रहे। आम लोगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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रविवार को शहर से लेकर देहात तक दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह लोगों ने घरों में अस्त्र, शस्त्रों की पूजा कर भगवान श्रीराम की आराधना की। वहीं, घरों में बहनों ने भाइयों के कानों पर नौरते रखकर दीर्घायु की कामना की। कोरोना के चलते इस बार कहीं भी मेले का आयोजन नहीं हुआ, लेकिन पुतला दहन के पहले धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। रुड़की में श्रीरामलीला समिति बीटी गंज की ओर से निकाली गई शोभायात्रा एसडी कॉलेज होते हुए नेहरू स्टेडियम पहुंची। इस दौरान श्रीराम और रावण के बीच हुए भयंकर युद्ध ने सभी को रोमांचित किया। नेहरू स्टेडियम में भगवान राम के हाथों रावण की गति होने के बाद रामलीला समिति के लोगों ने रावण के साथ ही कोरोना के पुतले को भी आग लगा दी। इस दौरान पटाखों की आवाज के साथ धू धूकर जले रावण और कोरोना के पुतले को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। हालांकि, इस बार आम लोगों को स्टेडियम में जाने की अनुमति नहीं मिली, लेकिन सोशल मीडिया के जरिये पुतला दहन का नजारा सभी ने देखा। इस दौरान समिति के अध्यक्ष सुबोध गुप्ता, महामंत्री सौरभ सिंघल, आयोजक मनोज अग्रवाल, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, नवनीत गर्ग, राकेश गर्ग, सागर गोयल, रजनीश गुप्ता, शरद गुप्ता, शशीकांत अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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नहीं लगा मेला, भारी पुलिस बल रहा तैनात
इस बार नेहरू स्टेडियम के बाहर दशहरा का मेला नहीं लगा, लेकिन पुतला दहन को लेकर पुलिस का स्टेडियम के बाहर कड़ा पहरा रहा। दरअसल, कोरोना के चलते किसी को भी स्टेडियम के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। गाइडलाइन का पालन कराने के लिए स्टेडियम के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। उधर, लक्सर लंढौरा समेत विभिन्न जगहों पर मेला नहीं लगने से खासतौर पर बच्चों को निराशा हुई।
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देहात क्षेत्रों में भी धूमधाम से मना पर्व
लक्सर/खानपुर/लंढौरा। दशहरा पर्व पर लक्सर, खानपुर, सुल्तानपुर और रायसी में भी लोगों ने अपने घरों में रामदरबार की विधि विधान से पूजा अर्चना की। शस्त्र, सोने के आभूषणों की भी पूजा की गई। लक्सर में कस्बे की ऐतिहासिक रामलीला में मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण वध का मंचन शुगर मिल परिसर में किया गया। रावण का वध होते ही भगवान राम के जयकारे लगाए गए। इसके बाद रावण का पुतला जलाया गया। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष अंबरीष गर्ग, कमेटी अध्यक्ष विशाल चौधरी, अजय वर्मा, विकास लेखराज, नरेश कश्यप, चौधरी सत्यजीत, रतेंद्र तिवारी, मनदीप आदि उपस्थित रहे। उधर, लंढौरा में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ. ईलम चंद प्रजापति ने बताया कि हर वर्ष की तरह दशहरा पर्व पर परंपरा को बनाए रखने के लिए लगभग छह फीट रावण के पुतले को पांच लोगों ने ही दहन किया। इस दौरान संजय अग्रवाल, संदीप सैनी, पप्पू पाल आदि मौजूद रहे।
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