लचर संचार सेवा को लेकर लोगों में गुस्सा

Pithoragarh Updated Mon, 20 Jan 2014 05:52 AM IST
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत क्षेत्र की खराब संचार सेवाओं को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। आपदा के सात माह बीतने के बाद भी ग्रामीण अंचलों की संचार सेवाओं को भारत संचार निगम दुरुस्त नहीं कर पाया है। तहसील मुख्यालय में मोबाइल, इंटरनेट और एसटीडी सेवाओं का खराब रहना आम बात हो गई है। ग्रामीण अंचलों से लोगों को घटना की सूचना तहसील प्रशासन को देने के लिए खुद ही दौड़ लगानी पड़ती है। यदि गांवों में संचार सेवा ठीक होती तो शायद यह नौबत नहीं आती।
व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि बीएसएनएल के अधिकारी मनमानी पर उतर आए हैं। इसकी वजह यह है कि यहां पर अन्य किसी संचार एजेंसी का नेटवर्क नहीं है। बीएसएनएल के खिलाफ कई बार आंदोलन कर दिया गया है लेकिन व्यवस्था सुधारने की पहल नहीं हुई। अब तो रोज संचार सेवा भंग रहना आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के अधिकारी अब छोटे मोटे आंदोलनों की परवाह नहीं करते तो बड़ा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
इधर, बीएसएनएल के तकनीशियन पीएस बुदियाल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान अक्सर केबिल लाइन कट जाती है। इस कारण व्यवधान आता है। उन्होंने कहा कि सीमा सड़क संगठन को कई बार सावधानी से चौड़ीकरण का काम करने को कह दिया गया है लेकिन वह ध्यान नहीं देता।
भी नहीं पहुंचा है।

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