मानदेय व्यवस्था समाप्त करने को सामूहिक गिरफ्तारी

Pithoragarh Updated Thu, 20 Dec 2012 05:31 AM IST
पिथौरागढ़। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियंस (एक्टू) और उससे जुड़े संगठनों ने मानदेय आधारित व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय में सामूहिक गिरफ्तारी दीं।
एक्टू, आशा यूनियन, आंगनबाड़ी यूनियन के साथ ही भाकपा माले के लोगों ने भारी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचकर मानदेय आधारित व्यवस्था को शोषण व्यवस्था बताते हुए प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि 1990 में देश में आर्थिक उदारीकरण की नीतियों को लागू करने के बाद मानदेय व्यवस्था को लागू किया गया। भरपूर श्रम करने के बाद भी कम भुगतान आर्थिक शोषण का प्रमाण है। इस व्यवस्था को समाप्त कर देश के मजदूरों को वेतन और पेंशन देने का प्रावधान किया जाना चाहिए। कहा कि आंगनबाड़ी कर्मी और आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित करते हुए न्यूनतम 11 हजार रुपये वेतन दिया जाना चाहिए। मानदेय, ठेकेदारी प्रथा, संविदा, वर्कचार्ज की शोषणयुक्त व्यवस्था को समाप्त करने के लिए संसद और विधानसभा में कानून बनाया जाना चाहिए। इस आशय का ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया।
सभा के बाद इन लोगों ने एसडीएम सदर नरेश दुर्गापाल के सामने सामूहिक गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी देने वालों में एक्टू की राष्ट्रीय सदस्य दीपा पांडेय, आशा वर्कस यूनियन की जिलाध्यक्ष हेमलता सौन, भाजपा के जिला प्रवक्ता गोविंद कफलिया, एक्टू के राज्य कमेटी के सदस्य सुशील खत्री, छात्रसंघ अध्यक्ष हेमंत खाती, माले जिला कमेटी के सदस्य सुरेंद्र बृजवाल, सरोज पांडे, मंजू बोरा, बसंती पांडे, दीपा तिवारी, पारस कार्की, बसंती पांडे, सीता देवी आदि शामिल थे। प्रशासन ने कुछ देर बाद इन लोगों को रिहा कर दिया।

लोहाघाट में भी आशा वर्कर्स ने नारेबाजी के साथ रैली निकाली। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन से संबद्ध आशा वर्कर्स ने सरोज पुनेठा, ज्योति उपाध्याय, हीरा मेहता, मीना बोरा, पदमा प्रथोली, सरस्वती पुनेठा एवं एक्टू नेता हीरा सिंह के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारे लगाए गए। बाद में तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन भेजे गए। इस अवसर पर सुशीला देउपा, रीता सिंह, किरन, मीनाक्षी, मंजू जोशी, इंद्रा ओली, ममता वर्मा, गंगा ओली आदि का कहना था कि अब आशा कार्यकत्रियां शोषण एवं अत्याचार के विरुद्ध खड़ी हो गई हैं ।
उधर टनकपुर में आंगनबाड़ी एवं आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने एवं ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने की मांग को लेकर आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ छट्रेड युनियन (एक्टू) के बैनर तले आंगनबाड़ी एवं आशा वर्करो ने प्रदर्शन कर तहसील में गिरफ्तारी दी और उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
भाकपा माले के जिला सचिव जगत मर्तोलिया एवं ब्लाक अध्यक्ष सरोज मौनी के नेतृत्व में आशा वर्करों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मानदेय आधारित व्यवस्था को समाप्त कर वेतन एवं पेंशन आधारित व्यवस्था लागू करने, आंगनबाड़ी एवं आशा वर्करों को रकारी कर्मचारी घोषित करते हुए 11 हजार रुपये मासिक वेतन तथा पेंशन की परिधि में लाने आदि मांगों को लेकर नगर में रैली निकाली तथा तहसील में प्रदर्शन कर आठ दर्जन से अधिक वर्करों ने गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी देने वालों में लीला महरा, गीता राजपूत, राधा बिष्ट, नीरू बिष्ट, किरन भट्ट, विमला, जानकी जोशी, सुनीता बिष्ट, देवकी सामंत, साधना सिंह, चंद्रा देवी, अनीता मर्तोलिया, रजनी, सुषमा आदि शामिल थे।
पी

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