पीने के पानी को तरस रहे जमतड़ी, बसेड़ी के लोग

Pithoragarh Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
अस्कोट। जमतड़ी और बसेड़ी गांव के लोग साढ़े पांच महीने से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। बरसात में ध्वस्त पेयजल योजना की मरम्मत विभाग अब तक नहीं कर पाया है। दोनों गांवों के लोगों ने अब जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन की धमकी दी है।
हीरा सिंह खोलिया, जीत सिंह, हिम्मत सिंह, भूपेंद्र सिंह, प्रताप सिंह ठगुन्ना समेत तमाम लोगों ने शुक्रवार को अस्कोट स्थित जल संस्थान के कार्यालय पहुंच कर पेयजल योजना की मरम्मत करने की मांग की। इन लोगों ने बताया कि 22 जून 2012 को बरसात से हुए भूस्खलन के कारण छीनीगाड़ नामक स्थान में पानी की योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। लगभग 60 पाइप बह गए थे। तब से अब तक तमाम बार विभाग के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के संज्ञान में यह मामला लाया जा चुका है लेकिन योजना की मरम्मत नहीं की जा रही है। दोनों गांवों के लोग कई किलोमीटर दूर से पीने का पानी ला रहे हैं। पालतू पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इन लोगों ने 15 दिन के भीतर योजना की मरम्मत न होने पर जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में संस्थान के सहायक अभियंता से फोन पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उधर, जल संस्थान के कार्यालय प्रभारी पीसी कापड़ी ने बताया कि योजना की मरम्मत का प्रस्ताव आपदा मद में गया है। जुलाई से उपभोक्ताओं से पानी के बिल नहीं लिए जा रहे हैं।

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