पाल राजा पुष्कर पाल ने रखी थी मेले की नींव

Pithoragarh Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
धारचूला । जौलजीबी मेले की नींव 1871 में तत्कालीन पाल राजा पुष्कर पाल ने रखी थी। 141 साल के लंबे अर्से में तमाम बदलाव आए लेकिन मेले का स्वरूप वही पुराना है। अब भी लोग भगवान ज्वालेश्वर महादेव के दर्शनों के बाद मेले में शिरकत करते है।
इस मेले में चीनी आइटम की भरमार प्राचीन काल से रही है। तब भारत-तिब्बत के बीच बगैर किसी सरकारी नियंत्रण के व्यापार होता था। आज भी मेले में चीनी आइटम के साथ ही नेपाली घोड़े लोगों की पहली पसंद हैं। राजशाही के दौर का गवाह रहे इस मेले के अंग्र्रेज हुकमरान भी मुरीद थे। भारतीय इलाके के साथ ही नेपाल के लोग भी भारी संख्या में जौलजीबी मेले में पहुंचते हैं।1975 में सरकार ने जौलजीबी मेले के महत्व को स्वीकारते हुए इसे सरकारी मेले का दर्जा दिया। तब से प्रशासन मेले की व्यवस्थाएं देखता है।
मेला सरकारी नियंत्रण में जाने के बावजूद सुविधाएं अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पाई हैं। मेलास्थल काली और गोरी नदी से हो रहे भूकटाव की चपेट में है लेकिन भूकटाव रोकने के की दिशा में सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। सालों से लगातार हो रहे भूकटाव से मेलास्थल के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। मेलार्थियों की सुविधाएं घटने के बजाय बढ़ रही हैं। महिला उत्थान के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही समाजसेवी लीला बंग्याल कहती हैं कि इस मेले से लोगों को एक महीने तक रोजगार मिलता है। मेले को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जौलजीबी व्यापार मंडल अध्यक्ष कै. राम सिंह पाल, ग्राम प्रधान हरि राम कहते हैं कि इस ऐतिहासिक मेले के उत्थान के लिए सरकार और जनप्रतिनिधियों को ठोस कदम उठाने होंगे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी में नौकरियों का रास्ता खुला, अधीनस्‍थ सेवा चयन आयोग का हुआ गठन

सीएम योगी की मंजूरी के बाद सोमवार को मुख्यसचिव राजीव कुमार ने अधीनस्‍थ सेवा चयन बोर्ड का गठन कर दिया।

22 जनवरी 2018

Related Videos

अमित शाह के इस बयान पर उत्तराखंड कांग्रेस हुई हमलावर

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी के बाद उत्तराखंड कांग्रेस आग-बबूला हो गई है।

21 सितंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper