हाईटेक बसों के नाम पर यात्रियों से धोखा

Pithoragarh Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
पिथौरागढ़। इस सीमावर्ती इलाके के लोग रोडवेज की उच्च तकनीक (हाईटेक) बस सेवा की सवारी का आनंद नहीं उठा पा रहे हैं और ये हाल हाईटेक बस होने के बावजूद हैं। यहां बसें तो हैं लेकिन ज्यादातर बसों में किसी न किसी तरह की तकनीकी अथवा इलेक्ट्रानिक खामी है। ऐसे में 50 प्रतिशत अधिक किराया देने के बाद भी यात्रियों को सहूलियत नहीं मिल रही है।
पिथौरागढ़ जिले के सफर का अकेला सहारा सड़क परिवहन ही है। पिथौरागढ़ डिपो में नौ हाईटेक बसों समेत कुल 85 बसें हैं। रोडवेज के सहायक मंडलीय प्रबंधक (एजीएम) भूपेंद्र कुमार का कहना है कि ये हाईटेक बसें दिल्ली और देहरादून रूट पर संचालित की जा रही हैं। इन बसों में बैठने की क्षमता, बेहतर साज-सज्जा, सीट को खिसकाने का सिस्टम एवं हर सीट पर पंखे लगे होते हैं। और इनका किराया सामान्य बसों से 50 प्रतिशत अधिक है। पिथौरागढ़ से दिल्ली की सामान्य बस का किराया 440 और हाईटेक बस का किराया 662 रुपये है।
मगर पिथौरागढ़ डिपों की ये बसें ठीक हाल में नहीं हैं। इन बसों में से ज्यादातर में न तो पंखे ठीक से काम कर रहे हैं न सीट को खिसकाने का सिस्टम ठीकठाक है। दरअसल पिथौरागढ़ भेजी गई ज्यादातर बसें पुरानी हैं। दूसरे डिपो में इन बसों का उपयोग किए जाने से इनमें कई तरह की खामियां होने की शिकायतें अक्सर आती रही हैं। लोगों का कहना है कि विभाग हाईटेक के नाम पर ज्यादा किराया तो वसूल रहा है लेकिन सुविधाएं सामान्य बसों से किसी तरह अलग नहीं हैं। और लोग अधिक धन खर्च करने के बाद भी आरमदायक सफर को तरस रहे हैं।

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