सैनिक मोर्चा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गदगद

Pithoragarh Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
पिथौरागढ़। यह पूर्व फौजियों की लंबी लड़ाई का सुखद अंत है। आखिर अब कैप्टन से बिग्रेडियर रैंक के अधिकारियों को बढ़ी हुई दर से पेंशन मिल सकेगी। मामले के लिए लगातार संघर्ष करने वाले राष्ट्रीय सैनिक मोर्चा हाल में आए सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से गदगद है। राष्ट्रीय सैनिक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल सत्यपाल सिंह गुलेरिया का कहना है कि इस निर्णय से सैकड़ों फौजी अधिकारियों को लाभ होगा।
पहली जनवरी 1986 को कैप्टन से लेकर बिग्रेडियर रैंक तक के अधिकारियों को चतुर्थ वेतन आयोग द्वारा घोषित रैंक पे नहीं दी गई थी। इससे नुकसान झेल रहे अधिकारियों ने अदालत की शरण ली। लंबी लड़ाई के बाद आखिर उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत से इंसाफ मिला। अदालत ने अधिकारियों को रैंक पे छह प्रतिशत सालाना ब्याज की दर से भुगतान करने के आदेश दिए।
कर्नल गुलेरिया का कहना है कि सैनिक मोर्चा अब फौजियों की एक रेंक-एक पेंशन की लड़ाई को और धारदार तरीके से लडे़गा। कहा कि विभिन्न सरकारों ने इस मामले में लगातार अनदेखी की है और खामियाजा जल्द रिटायर होने वाले फौजियों को भुगतना पड़ रहा है।

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