विज्ञापन

22 माह बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं

Pithoragarh Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बेरीनाग। बेरीनाग स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अनुसूचित जाति-जनजाति (एससीएसटी) छात्रवृति घोटाले के आरोपियों को पुलिस 22 महीने बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस प्रकरण में पुलिस की लचर कार्यप्रणाली कई सवाल खड़े कर रही है। कार्रवाई में हो रही लेटलतीफी से अब संबंधित छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति मिलने की आस छोड़ दी है।
विज्ञापन
2007-08 और 2008-09 में एससी-एसटी के छात्र-छात्राओं को समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित छात्रवृति न मिलने पर तब छात्रों ने कालेज प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन किया था। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम आरडी पालीवाल ने मामले की जांच की, तो इस मद में 730985 रुपये की हेराफेरी का खुलासा हुआ। इसके बाद समाज कल्याण विभाग के सहायक विकास अधिकारी बीडी पंत ने इस मामले में महाविद्यालय के प्राचार्य के खिलाफ अक्तूबर 2010 को बेरीनाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 407 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। इस बीच उच्च शिक्षा विभाग ने शासन की आडिट टीम से इसकी जांच कराई तो गड़बड़झाले की पुष्टि हुई।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Dehradun

उत्तराखंड सरकार को राज्य पक्षी मोनाल से मोह नहीं, आंकड़े कर रहे तस्दीक

मोनाल को उत्तराखंड गठन के बाद वर्ष 2000 में राज्य पक्षी का दर्जा तो दिया गया, लेकिन इसके बाद इसे भुला दिया गया।

15 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

पिथौरागढ़ में BRO कैंप तबाह, देखिए हादसे के बाद का मंजर

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है जो बीआरओ कैंप पर भी टूटा। दरअसल भारी बारिश के बीच में लैंडस्लाइड के चलते पूरा कैंप तबाह हो गया।

29 अगस्त 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree